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आधुनिक इतिहास व राष्ट्रीय आंदोलन (Modern History & National Movements in CG)

CGPSC और व्यापम की परीक्षाओं के लिए प्रमुख सामाजिक संस्थाएँ, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रभाव, असहयोग आंदोलन, स्वराज पार्टी और अछूतोद्धार कार्यक्रम का स्मार्ट नोट्स संकलन।

प्रमुख सामाजिक एवं साहित्यिक संस्थाएँ (1870-1900)

भारत में 19वीं सदी में राष्ट्रीय भावना उत्प्रेरित करने में ब्रम्ह समाज व आर्य समाज का विशिष्ट योगदान है। राष्ट्रवाद एवं राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने के लिए निम्न संस्थाएँ स्थापित हुईं:

छत्तीसगढ़ मित्र का प्रकाशन (1900)

  • उद्देश्य: बौद्धिक, साहित्यिक व जनजागरूकता हेतु।
  • द्वारा: माधवराव सप्रे। सहयोगी: रामराव चिंचोलकर।
  • स्थान: पेण्ड्रा रोड, बिलासपुर।
  • विशेष: छ.ग. का प्रथम मासिक पत्रिका। आर्थिक अभाव में यह पत्रिका 3 वर्ष तक छपती रही।

अन्य प्रमुख संगठन

  • मालिनी रीडिंग क्लब: 1899, रायपुर।
  • छत्तीसगढ़ बाल सभा: 1870, रायपुर।
  • लोक शिक्षण संस्थान (People Teachers Association): रायपुर।
  • कवि समाज राजिम: 1899, राजिम (गरियाबंद) (द्वारा - पं. सुन्दरलाल शर्मा)।
  • बुद्धि प्रकाश सभा / रीडिंग क्लब / बंगाल-नागपुर रेल्वे इंस्टीट्यूट: 1870, बिलासपुर।
  • समित्र मण्डल: 1906, बिलासपुर।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का छत्तीसगढ़ पर प्रभाव

बम्बई अधिवेशन (1889)

  • अध्यक्ष: सर विलियम वेडरबर्न।
  • छ.ग. से सदस्य: माधवराव सप्रे, रामदयाल तिवारी, सी.एम. ठक्कर, वामनराव लाखे।

नागपुर अधिवेशन (1891)

  • अध्यक्ष: वकील पी. आनंदाचाल (मद्रास)।
  • महत्व: राजनेताओं, किसानों और मालगुजारों ने भाग लिया, राजनीतिक चेतना का विकास हुआ।

बनारस अधिवेशन (1905)

  • अध्यक्षता: गोपाल कृष्ण गोखले।
  • छ.ग. से सदस्य: माधवराव सप्रे, रामगोपाल तिवारी, सी.एम. ठक्कर, वामनराव लाखे, बद्रीप्रसाद साव, पं. रविशंकर शुक्ल।

सूरत अधिवेशन (1907)

  • रायपुर प्रांत से: सुन्दरलाल शर्मा, डॉ. शिवराम मुंजे, नारायणराव मेघावाले।

प्रांतीय कांग्रेस का तृतीय सत्र (रायपुर 1907)

  • अध्यक्ष: केलकर। स्वागताध्यक्ष: हरिसिंह गौर।
  • प्रभाव: रायपुर अधिवेशन 1907 में फूट पड़ी (केन्द्रीय कांग्रेस के आधार पर विभाजन)।
  • नरम दल के नेता: डॉ. शिवराम मुंजे, केलकर, हरिसिंह गौर, सी.एम. ठक्कर बापा, देवेन्द्र नाथ चौधरी।
  • गरम दल के नेता: माधवराव सप्रे, पं. रविशंकर शुक्ल, दादा साहब खापर्डे, वामनराव खानखोज, ई. राघवेन्द्र राव, हनुमान सिंह, लक्ष्मण राव उदयीगरकर।

होमरूल लीग एवं अन्य आंदोलन

हिन्द केसरी पत्रिका का प्रकाशन (1908)

  • स्वदेशी आंदोलन के समय तिलक द्वारा रचित 'केसरी' का हिन्दी अनुवाद माधवराव सप्रे ने "ये उपाय टिकाऊ नहीं है" लेख से किया, जिसे हिन्द केसरी कहा गया।

अन्य घटनाक्रम

  • सरस्वती पुस्तकालय (1909): राजनांदगांव (स्थापनाकर्ता: ठा. प्यारेलाल सिंह)।
  • मालगुजारों का सम्मेलन (1915): 20 जून 1915 टाउनहाल (रायपुर)। 300 मालगुजारों ने भाग लिया।
  • राजिम किसान मजदूर सभा (1920): अध्यक्षता: पं. विष्णुदत्त शुक्ल। सहयोगी: पं. सुन्दरलाल शर्मा, पं. रविशंकर शुक्ल, माधवराव सप्रे।

होमरूल आंदोलन (1916)

छत्तीसगढ़ में केवल 'तिलकवादी होमरूल' आंदोलन सक्रिय रहा (मुख्यालय: रायपुर)。

  • रायपुर: नेतृत्व पं. रविशंकर शुक्ल (सहयोगी: मूलचंद बागड़ी, लक्ष्मणराव, माधव राव सप्रे)।
  • बिलासपुर: नेतृत्व ई. राघवेन्द्र राव (सहयोगी: गजाधर साव, मुन्नीलाल स्वामी, अंबिका प्रसाद वर्मा, गोविंद प्रसाद तिवारी)।
  • दुर्ग: घनश्याम सिंह गुप्त, रत्नाकर झा।
  • राजनांदगांव: ठा. प्यारेलाल सिंह, बलदेव प्रसाद मिश्र, गोवर्धन लाल श्रीवास्तव।
  • होमरूल लीग का क्षेत्रीय सम्मेलन (1918): रायपुर में, अध्यक्षता पं. रविशंकर शुक्ल। प्रचार हेतु लोकमान्य बालगंगाधर तिलक छ.ग. आये थे।

कंडेल नहर सत्याग्रह (जुलाई 1920)

  • स्थान: कंडेल ग्राम (धमतरी)।
  • नेतृत्वकर्ता: पं. सुंदरलाल शर्मा, छोटेलाल श्रीवास्तव, नारायणराव मेघावाले (नत्थुजी जगताप भी जुड़े थे)।
  • कारण: नहर के पानी का उपयोग करने के कारण जुर्माना लगाना।
  • गांधीजी का प्रथम छ.ग. आगमन (20 दिसम्बर 1920): मौलाना शौकत अली के साथ रायपुर आये। 21 दिसम्बर 1920 को धमतरी पहुंचे और जनसभा को संबोधित किया। रायपुर में आनंद समाज वाचनालय में महिलाओं को सम्बोधित किया। उद्देश्य: असहयोग आंदोलन के लिए समर्थन प्राप्त करना।

असहयोग आंदोलन (1920)

वकालत का त्याग

  • दुर्ग: घनश्याम सिंह गुप्त, रत्नाकर झा।
  • राजनांदगांव: ठा. प्यारेलाल, बलदेव प्रसाद मिश्र, गोवर्धन लाल श्रीवास्तव (छुईखदान)।
  • बिलासपुर: बै. छेवीलाल, ई. राघवेंद्र राव, वामन राव, खानखोजे, डी. के. मेहता।
  • रायपुर: रामदयाल तिवारी, रविशंकर शुक्ल, यादवराव देशमुख, नारायण तिवारी।

उपाधियों व शासकीय सेवा का परित्याग

  • राय साहब: वामनराव लाखे (जनता ने "लोकप्रिय" की उपाधि दी)।
  • राय बहादुर: बैरिस्टर कल्याण जी, मोरार जी थैकर, सेठ गोपीकिशन, नागेन्द्र नाथ डे।
  • खान साहब: काजी शेर खां।
  • शासकीय सेवा: यदुनंदन प्रसाद श्रीवास्तव (रेल्वे हाई स्कूल का त्याग), लक्ष्मीनारायण वर्मा।

असहयोग आंदोलन के अन्य कार्यक्रम

  • राष्ट्रीय पंचायतों का गठन (1921): रायपुर (सेठ जसकरण डागा, 4 मार्च 1921), धमतरी (बाजीराव कृदंत)।
  • राष्ट्रीय विद्यालयों की स्थापना (1921): रायपुर (माधवराव सप्रे, लक्ष्मीनारायण दास), धमतरी (बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव - स्वयं के मकान में), बिलासपुर (बद्रीनाथ साव), राजनांदगांव (ठाकुर प्यारेलाल, बलदेव प्रसाद मिश्र)।
  • काउंसिलों व जिला परिषद में चुनाव का बहिष्कार (1921): यादव राव देशमुख (रायपुर से त्याग), बाजीराव कृदन्त (प्रांतीय विधानसभा सदस्यता से त्याग), काजी शमशेर खान (ऑनरेरी मैजिस्ट्रेट से त्याग), बैरिस्टर थेन्कर (चुनाव बहिष्कार), पं. रविशंकर शुक्ल व सी.एम. ठक्कर (जिला परिषद में न जाने का निर्णय)।
  • खादी समर्थन (1921): रावणभाठा (रायपुर) में खादी प्रदर्शनी (श्रीमती अंजुम बेगम द्वारा)। बिलासपुर नगर पालिका में कर्मचारियों के लिए खादी पहनना अनिवार्य कर दिया गया।

प्रमुख गिरफ्तारियां एवं घटनाएं

  • माखनलाल चतुर्वेदी की गिरफ्तारी: 12 मई 1921 को जबलपुर से गिरफ्तार कर बिलासपुर जेल में बंद। बिलासपुर जेल में (18 फरवरी 1922) "पुष्प की अभिलाषा" कविता रची। कर्मवीर पत्रिका का संपादन किया।
  • पं. सुंदरलाल शर्मा की गिरफ्तारी (1922): केन्द्रीय जेल से उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म स्थली/जेल पत्रिका (18 पृष्ठ) का संपादन किया।
  • केन्द्रीय राजनेताओं का आगमन (1921): डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, सी. राजगोपालाचारी, सुभद्रा कुमारी चौहान।

स्वराज पार्टी, झंडा सत्याग्रह एवं अछूतोद्धार

झंडा सत्याग्रह (1923)

  • राष्ट्रीय झंडा सत्याग्रह नागपुर में प्रारंभ (नेतृत्व: जमुनालाल बजाज)।
  • छ.ग. से रायपुर जिले के धमतरी तहसील से सर्वाधिक लोग (लगभग 100) भाग लिए। नेतृत्व: पं. सुन्दरलाल शर्मा।
  • शामिल सदस्य: श्यामलाल सोम, परदेशी राम ध्रुव, विशम्भरलाल पटेल, पंचमसिंह नेताम आदि।

कांग्रेस का काकीनाड़ा अधिवेशन (1923)

  • स्थान: कोकीनाड़ा/कांकीनाड़ा (आंध्रप्रदेश)।
  • नेतृत्वकर्ता: नारायणराव मेघावाले।
  • बस्तर रास्ते से पैदल काकीनाड़ा अधिवेशन में भाग लेने गए।
  • गांधी जी ने 'नवजीवन' समाचार पत्र में इस साहसपूर्ण घटना का उल्लेख किया था।

स्वराज पार्टी और छत्तीसगढ़ (1923)

  • रायपुर: पं. रविशंकर शुक्ल, शिवदास डागा।
  • बिलासपुर: ई. राघवेन्द्र राव (छ.ग. के स्वराज दल के प्रमुख नेता), बैरिस्टर छेदीलाल।
  • दुर्ग: घनश्याम सिंह गुप्त।
  • राजनांदगांव: ठा. प्यारेलाल सिंह।
  • परिणाम: 1923 में मध्यप्रांत विधानपरिषद् के निर्वाचन में पं. रविशंकर शुक्ल, शिवदास डागा, ई. राघवेन्द्र राव, ठाकुर छेदीलाल ने भाग लिया। 1924-26 तक निर्वाचित सदस्य: रविशंकर शुक्ल, घनश्याम सिंह गुप्त, ई. राघवेन्द्र राव, ठाकुर छेदीलाल।
  • नोट: पंडित सुंदरलाल शर्मा छत्तीसगढ़ में स्वराज पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल नहीं थे।

अछूतोद्धार कार्यक्रम (1925)

  • 23 नवम्बर 1925, राजिम (पं. सुंदरलाल शर्मा)।
  • राजीवलोचन मंदिर में प्रवेश कराने की योजना थी, किन्तु कट्टरपंथियों के विरोध के कारण राम मंदिर में प्रवेश कराया।
  • गांधी जी ने द्वितीय आगमन पर पं. सुन्दरलाल शर्मा को 'गुरू' की उपाधि दी।

रायपुर जिला परिषद् का संघर्ष (1927-1937 ई.)

  • रायपुर डिस्ट्रिक्ट काउंसिल राष्ट्रवादी भावना से कार्य करता रहा जिससे ब्रिटिश काउंसिल से टकराव होता रहा।
  • 1927 से 1937 तक पं. रविशंकर शुक्ल काउंसिल के अध्यक्ष रहे, इस दौरान वे जेल भी गए और जेल से ही चुनाव लड़े।
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🎯 अभी इसी टॉपिक के 5 प्रश्न हल करें (Instant Topic Quiz)

विषय: छत्तीसगढ़ में 1857 की क्रांति, जंगल सत्याग्रह एवं राष्ट्रीय आंदोलन — ऊपर पढ़े गए नोट्स की तुरंत जाँच करें!

आपका लाइव स्कोर
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अभ्यास प्रश्न #1 CGPSC / CG Vyapam Standard (+2.0, -0.66)

प्र. 1: छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह (सोनाखान के जमींदार) को कब और कहाँ फांसी दी गई थी?

अभ्यास प्रश्न #2 CGPSC / CG Vyapam Standard (+2.0, -0.66)

प्र. 2: छत्तीसगढ़ का प्रथम जंगल सत्याग्रह "सिहावा-नगरी जंगल सत्याग्रह" कब प्रारंभ हुआ था?

अभ्यास प्रश्न #3 CGPSC / CG Vyapam Standard (+2.0, -0.66)

प्र. 3: महात्मा गांधी का छत्तीसगढ़ में प्रथम आगमन (20 दिसंबर 1920) किस सत्याग्रह के संदर्भ में हुआ था?

अभ्यास प्रश्न #4 CGPSC / CG Vyapam Standard (+2.0, -0.66)

प्र. 4: 18 जनवरी 1858 को रायपुर की तीसरी रेजीमेंट में सार्जेंट मेजर सिडवेल की हत्या कर सैन्य विद्रोह किसने किया था ("छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे")?

अभ्यास प्रश्न #5 CGPSC / CG Vyapam Standard (+2.0, -0.66)

प्र. 5: 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान "मलकपुर (Malkapur)" में छत्तीसगढ़ के प्रमुख नेताओं को किस ऑपरेशन के तहत गिरफ्तार किया गया?

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