खंड 01 — आरंभिक अंधकार
दंतेवाड़ा के एक छोटे से गाँव से राजधानी तक का स्वप्न
नाम था रामेश्वर। घर में न तो कोई अफसर था और न ही कोचिंग की लाखों रुपए फीस भरने का सामर्थ्य। पिता बस्तर के साप्ताहिक हाट-बाजार में महुआ और तेंदूपत्ता बेचते थे। घर में बिजली कभी आती थी, कभी तीन-तीन दिन गायब रहती थी। जब उसने पहली बार राज्य प्रशासनिक सेवा (CGPSC) का पाठ्यक्रम देखा, तो रिश्तेदारों ने कहा — “यह परीक्षा बड़े शहरों के कॉन्वेंट पढ़े लड़कों के लिए है, हमारे जैसों के लिए नहीं।”
“किताबें महंगी हो सकती हैं, लेकिन किसी के परिश्रम करने की सामर्थ्य पर कोई शुल्क नहीं लगा सकता। मैंने तय किया कि हर दिन 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न हल करूंगा, चाहे लालटेन की रोशनी में ही क्यों न बैठना पड़े।”
खंड 02 — पराजय का दंश
पहले दो प्रयासों में 0.33 अंकों से विफलता
वर्ष 2021 की प्रारंभिक परीक्षा में रामेश्वर ने पर्याप्त मेहनत की थी। परंतु परीक्षा कक्ष का भय और नकारात्मक अंकन (Negative Marking) का सटीक गणित न समझ पाने के कारण उसके 8 प्रश्न सिली मिस्टेक्स में गलत हो गए। परिणाम आया तो वह कटऑफ से मात्र 0.33 अंक पीछे छूट गया था। वह क्षण टूट जाने का था। गाँव के लोग ताने दे रहे थे। लेकिन उसने अपनी डायरी में लिखा — “यह हार ज्ञान की नहीं, अभ्यास की कमी की है।”
खंड 03 — रणनीति में रूपांतरण
मॉक टेस्ट और 1/3 माइनस मार्किंग पर विजय
उसने तीसरे प्रयास में रणनीति बदली। अब वह केवल किताबें नहीं पढ़ता था, बल्कि घड़ी में 2 घंटे का अलार्म लगाकर ठीक 10 बजे ऑनलाइन फुल-लेंथ टेस्ट देने बैठता था। जो प्रश्न संशय में थे, उन्हें छोड़ना सीखा। छत्तीसगढ़ के 33 जिलों के इतिहास, पंचायती राज के अनुच्छेदों और जनजातीय विवाहों को कंठस्थ करने के बाद 50 से अधिक पुराने प्रश्न-पत्रों का पोस्टमार्टम किया।
खंड 04 — विजय का सूर्योदय
जब सूची में नाम चमका
आयोग ने परिणाम घोषित किया। पीडीएफ में सातवें स्थान पर रामेश्वर का रोल नंबर अंकित था। जिस गाँव में कभी प्रशासनिक अधिकारी की गाड़ी रुकती तक नहीं थी, आज उसी गाँव का बेटा लाल बत्ती नहीं, बल्कि अपने लोगों के अधिकार और न्याय की रक्षा का संकल्प लेकर कुर्सी पर बैठने जा रहा था।
यह केवल रामेश्वर की कहानी नहीं है। यह कहानी छत्तीसगढ़ के हर उस अभ्यर्थी की है जो आज इस पोर्टल पर टेस्ट दे रहा है, जो रात को नींद से लड़ रहा है और जिसके सीने में अपनी माटी का मान बढ़ाने की आग जल रही है।