CGPSC & CG Vyapam District Encyclopedia (5 संभाग • 33 जिले)

छत्तीसगढ़ के 33 जिलों का संपूर्ण जिला दर्शन (District Wise CG GK)

प्रत्येक जिले का आधिकारिक गठन वर्ष, मातृ जिला, तहसीलें, विकासखंड, विधानसभा सीटें, अपवाह तंत्र (नदियाँ व बांध), खनिज, विशेष पिछड़ी जनजातियाँ, पुरातात्विक/पर्यटन स्थल, उद्योग और परीक्षा उपयोगी तथ्य — आधिकारिक जिला वेबसाइट (igod.gov.in) लिंक सहित।

कुल संभाग / जिले
05 संभाग • 33 जिले
भौगोलिक क्षेत्रफल
1,35,192 वर्ग किमी
सबसे बड़ा / छोटा जिला
कोरबा-बीजापुर / सक्ती
सर्वोच्च पर्वत चोटी
गौरलाटा (1225m, बलरामपुर)
पूर्ण जैविक जिले (05)
सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, गरियाबंद
विधानसभा / लोकसभा
90 सीटें • 11 सीटें
सीधे जिले पर जाएं:1. रायपुर2. बलौदा बाजार - भाटापारा3. गरियाबंद4. महासमुंद5. धमतरी6. दुर्ग7. बालोद8. बेमेतरा9. राजनांदगांव10. कबीरधाम / कवर्धा11. मोहला - मानपुर - अंबागढ़ चौकी12. खैरागढ़ - छुईखदान - गंडई13. बिलासपुर14. मुंगेली15. कोरबा16. जांजगीर - चांपा17. रायगढ़18. गौरेला - पेंड्रा - मरवाही19. सारंगढ़ - बिलाईगढ़20. सक्ती21. बस्तर22. उत्तर बस्तर कांकेर23. दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा24. कोण्डागांव25. नारायणपुर26. बीजापुर27. सुकमा28. सरगुजा29. कोरिया30. सूरजपुर31. बलरामपुर - रामानुजगंज32. जशपुर33. मनेंद्रगढ़ - चिरमिरी - भरतपुर
कुल 33 जिलों का विस्तृत प्रोफाइल प्रदर्शित स्रोत: छत्तीसगढ़ शासन जिला पोर्टल (igod.gov.in) एवं आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26
#1 • रायपुर संभाग गठन: 02 नवंबर 1861 (ब्रिटिश काल में जिला गठन)

रायपुर (Raipur)

मुख्यालय: रायपुर (नवा रायपुर अटल नगर - राज्य राजधानी) • मातृ जिला: मूल जिला (स्वतंत्र गठन)

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): रायपुर, आरंग, अभनपुर, तिल्दा-नेवरा, गोबरा नवापारा, धरसींवा, खरोरा, मंदिर हसौद (8 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): धरसींवा, आरंग, अभनपुर, तिल्दा (4 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 7 सीटें (रायपुर नगर उत्तर, दक्षिण, पश्चिम, ग्रामीण, धरसींवा, आरंग-SC, अभनपुर)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: महानदी (पूर्वी सीमा), खारून नदी (रायपुर शहर तट पर), सेंढ नदी

खनिज संपदा (Minerals): चूना पत्थर (Limestone - तिल्दा, बैकुंठ, मांढर), डोलोमाइट, मुरम

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): गोंड, कंवर, बिंझवार, सवरा

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: पुरखौती मुक्तांगन (उपरवारा), चंदखुरी (कौशल्या माता मंदिर - राम वन गमन पथ का प्रथम स्थल), आरंग (भांडदेवल जैन मंदिर - मंदिरों की नगरी), चंपारण (महाप्रभु वल्लभाचार्य जन्मस्थली), महादेव घाट (हाटकेश्वर महादेव, खारून नदी), महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय (1875)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: उरला (प्रथम औद्योगिक विकास केंद्र), सिलतरा (छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र), भनपुरी, रावांभाठा (मेटल पार्क), तिल्दा, अटल नगर (IT SEZ एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • 14वीं सदी में कलचुरी राजा रामचंद्र देव के पुत्र ब्रह्मदेव राय के नाम पर रायपुर बसाया गया (1818 में रतनपुर से रायपुर राजधानी बनी)।
  • स्वामी विवेकानंद विमानतल (माना, रायपुर) राज्य का एकमात्र अंतर्राष्ट्रीय मानक एयरपोर्ट है।
  • IIM रायपुर (2010), AIIMS रायपुर (2012), NIT रायपुर (2005), HNLU (2003), पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (1964) एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (1987) यहीं स्थित हैं।
#2 • रायपुर संभाग गठन: 01 जनवरी 2012 (अधिसूचना 2011)

बलौदा बाजार - भाटापारा (Baloda Bazar-Bhatapara)

मुख्यालय: बलौदा बाजार • मातृ जिला: रायपुर

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): बलौदा बाजार, भाटापारा, सिमगा, पलारी, कसडोल, लवन, टुण्डरा, सुहेला, सोनाखान (9 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): बलौदा बाजार, भाटापारा, सिमगा, पलारी, कसडोल (5 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 3 सीटें (भाटापारा, बलौदा बाजार, कसडोल)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: महानदी, शिवनाथ नदी, जोंक नदी, बलमदेई नदी (तुरतुरिया के पास)

खनिज संपदा (Minerals): चूना पत्थर (Limestone - सर्वाधिक भंडार, 'सीमेंट हब ऑफ छत्तीसगढ़'), डोलोमाइट

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): बिंझवार (वीर नारायण सिंह इसी जनजाति से थे), गोंड, कंवर, धनवार

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: गिरौदपुरी धाम (बाबा गुरु घासीदास जी की जन्मस्थली एवं तपोभूमि - कुतुबमीनार से ऊँचा 77 मीटर जैतखाम), तुरतुरिया (वाल्मीकि आश्रम व लव-कुश जन्मस्थली), सोनाखान (शहीद वीर नारायण सिंह की कर्मभूमि, 1857 क्रांति), सिद्धेश्वर मंदिर (पलारी - गुप्त/पांडुवंशीय ईंट निर्मित मंदिर), बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य (1976, 245 वर्ग किमी)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: अल्ट्राटेक (हिरमी, रावन), अंबुजा (रवान), न्यू विस्टा/इमामी (रिसदा), श्री सीमेंट (खपराडीह), अल्ट्राटेक (कुसमी) — छत्तीसगढ़ का 'सीमेंट हब'

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • 10 दिसंबर 1857 को छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह (सोनाखान के जमींदार) को रायपुर के जयस्तंभ चौक में फांसी दी गई थी।
  • दामाखेड़ा (सिमगा तहसील) कबीरपंथियों का प्रमुख तीर्थ स्थल है, जिसकी स्थापना उग्रनाम साहेब ने 1903 में की थी।
#3 • रायपुर संभाग गठन: 01 जनवरी 2012

गरियाबंद (Gariaband)

मुख्यालय: गरियाबंद • मातृ जिला: रायपुर

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): गरियाबंद, छुरा, मैनपुर, देवभोग, राजिम, फिंगेश्वर, अमलीपदर (7 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): गरियाबंद, छुरा, मैनपुर, देवभोग, फिंगेश्वर (5 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 2 सीटें (राजिम, बिंद्रानवागढ़-ST)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: महानदी, पैरी नदी (उद्गम- भातृगढ़ पहाड़ी), सोंढूर नदी (उद्गम- नवरंगपुर), तेल नदी (देवभोग में प्रवाहित), उदंती एवं इंदावन नदी

खनिज संपदा (Minerals): हीरा (Diamond - पायलीखंड, बहराडीह, कोदोमाली, जांगड़ा - किम्बरलाइट चट्टानें), अलेक्जेंड्राइट (Alexandrite - देवभोग, सेंदमुड़ा - 'गरीबों का पन्ना'), गार्नेट (रत्न पत्थर)

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): कमार (विशेष पिछड़ी जनजाति - PVTG, सर्वाधिक गरियाबंद में; बांस शिल्प में निपुण; गोदना गोदने वाली एवं घोड़े को छूना निषेध मानने वाली जनजाति), भुंजिया (लाल बंगला रसोईघर एवं तप्त लोहे से दागने का इलाज - राज्य द्वारा घोषित PVTG), कंडरा

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: राजिम ('छत्तीसगढ़ का प्रयाग' - महानदी, पैरी व सोंढूर का त्रिवेणी संगम; राजीव लोचन मंदिर - नलवंशी शासक विलासतुंग द्वारा 7वीं-8वीं सदी में निर्मित; कुलेश्वर महादेव मंदिर), जतमई एवं घटारानी जलप्रपात, चिंगरा पगार जलप्रपात, भूतेश्वर महादेव (मरोदा - विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग 'भकुर्रा'), सिकासार बांध (पैरी नदी पर, 7 MW जलविद्युत), उदंती वन्यजीव अभयारण्य (1983 - वन भैंसा का संरक्षण)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: वनोपज प्रसंस्करण, बांस शिल्प, देवभोग दुग्ध सहकारी क्षेत्र, पूर्ण जैविक जिला (5 पूर्ण जैविक जिलों में शामिल)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • गरियाबंद छत्तीसगढ़ के 5 पूर्ण जैविक (100% Organic) जिलों में से एक है।
  • राजिम कुंभ कल्प मेला प्रतिवर्ष माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि (15 दिन) तक त्रिवेणी संगम पर आयोजित होता है।
#4 • रायपुर संभाग गठन: 06 जुलाई 1998

महासमुंद (Mahasamund)

मुख्यालय: महासमुंद • मातृ जिला: रायपुर

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना, सरायपाली, कोमाखान (6 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना, सरायपाली (5 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 4 सीटें (सरायपाली-SC, बसना, खल्लारी, महासमुंद)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: महानदी, जोंक नदी, लात नदी (उद्गम- रदन की पहाड़ी सरायपाली), सूखा नदी (कोड़ार बांध/वीर नारायण सिंह परियोजना)

खनिज संपदा (Minerals): फ्लोराइट (Fluorite - चांदी डोंगरी एवं चुराकुटा), सोना (स्वर्ण कण - जोंक व महानदी की रेत में), ग्रेनाइट, क्वार्ट्ज

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): सौंरा/सवरा (सांप पकड़ने का कार्य), खरिया, बिंझवार, कंवर, पारधी

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: सिरपुर (प्राचीन नाम 'चित्रांगदपुर' - पांडुवंश एवं शरभपुरीय वंश की राजधानी; लक्ष्मण मंदिर - रानी वासटा द्वारा 7वीं सदी में लाल ईंटों से निर्मित; आनंद प्रभु कुटी विहार व स्वास्तिक बौद्ध विहार; 639 ई. में चीनी यात्री ह्वेनसांग का आगमन; गंधेश्वर महादेव), खल्लारी माता मंदिर (कलचुरी राजा हरिब्रह्मदेव के समय देवपाल मोची द्वारा 1415 ई. में नारायण मंदिर निर्माण), चंडी माता मंदिर (घुंचापाली, बागबाहरा - भालुओं के आने के लिए प्रसिद्ध), शिशुपाल पर्वत (बुढ़ा डोंगर, सरायपाली - घोघरा जलप्रपात)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: बिरकोनी औद्योगिक विकास केंद्र (IIDC महासमुंद)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान तमोरा जंगल सत्याग्रह (9 सितंबर 1930) में बालिका दयावती ने अंग्रेज अधिकारी को तमाचा मारा था (नेतृत्व- यति यतनलाल एवं शंकरराव गनोदवाले)।
  • शहीद वीर नारायण सिंह परियोजना (कोड़ार बांध) सूखा नदी पर स्थित है।
#5 • रायपुर संभाग गठन: 06 जुलाई 1998

धमतरी (Dhamtari)

मुख्यालय: धमतरी • मातृ जिला: रायपुर

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): धमतरी, कुरुद, नगरी, मगरलोड, भखारा, कुकरेल, बेलरगांव (7 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): धमतरी, कुरुद, नगरी, मगरलोड (4 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 3 सीटें (सिहावा-ST, कुरुद, धमतरी)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: महानदी (उद्गम- सिहावा के फरसिया ग्राम से, छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा), सोंढूर नदी, सिलयारी नदी, बालका नदी

खनिज संपदा (Minerals): ग्रेनाइट, क्वार्ट्ज

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): कमार (PVTG), गोंड, हल्बा

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: गंगरेल बांध / पं. रविशंकर शुक्ल जलाशय (1978-79, महानदी पर छत्तीसगढ़ का सबसे लंबा बांध 1,830 मीटर, 10 MW जलविद्युत, मिनी गोवा वाटर स्पोर्ट्स), रुद्री बैराज (1915, राज्य की प्रथम नहर प्रणाली), माड़मसिल्ली / मुरुमसिल्ली बांध (1923, एशिया का प्रथम साइफन बांध - सिलयारी नदी पर), दुधावा बांध (1964), सोंढूर बांध, सिहावा पर्वत (श्रृंगी ऋषि आश्रम व सप्त ऋषि तपोभूमि), सीतानदी वन्यजीव अभयारण्य (1974 - छत्तीसगढ़ का सबसे प्राचीन अभयारण्य, 559 वर्ग किमी), बिलाई माता मंदिर

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: श्यामतराई (मेगा फूड पार्क - बायो-टेक व एग्रो पार्क), जीजामगांव (हर्बल व वनोपज केंद्र), राइस मिल क्लस्टर

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • छत्तीसगढ़ का प्रथम जंगल सत्याग्रह 'सिहावा-नगरी जंगल सत्याग्रह' 21 जनवरी 1922 को श्यामलाल सोम, पंचम सिंह एवं बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव के नेतृत्व में यहीं हुआ था।
  • सितंबर 1930 के रुद्री-नवागांव जंगल सत्याग्रह में नत्थूजी जगताप और मिन्टू कुम्हार शहीद हुए थे।
  • कंडेल नहर सत्याग्रह (जुलाई 1920) के कारण महात्मा गांधी का प्रथम बार 20 दिसंबर 1920 को छत्तीसगढ़ (रायपुर व धमतरी) आगमन हुआ था।
#6 • दुर्ग संभाग गठन: 01 जनवरी 1906 (रायपुर व बिलासपुर से पृथक कर गठन)

दुर्ग (Durg)

मुख्यालय: दुर्ग (ट्विन सिटी: दुर्ग-भिलाई) • मातृ जिला: रायपुर एवं बिलासपुर

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): दुर्ग, धमधा, पाटन, भिलाई-3, बोरी, अहिवारा (6 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): दुर्ग, धमधा, पाटन (3 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 6 सीटें (पाटन, दुर्ग ग्रामीण, दुर्ग शहर, भिलाई नगर, वैशाली नगर, अहिवारा-SC)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: शिवनाथ नदी (महानदी की सबसे बड़ी सहायक नदी - 290 किमी), खारून नदी, आमनेर नदी

खनिज संपदा (Minerals): चूना पत्थर (Limestone - नंदिनी खुंदिनी, सेमरिया)

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): गोंड, हल्बा, कंवर

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: मैत्री बाग (भिलाई - भारत-रूस मित्रता का प्रतीक, सफेद बाघों के लिए प्रसिद्ध), नगपुरा (श्री उवसग्गहरं पार्श्वनाथ जैन तीर्थ), देवबलौदा (प्राचीन कलचुरीकालीन शिव मंदिर - छमासी), खपरी जलाशय, धमधा का किला व चतुर्भुजी मंदिर

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP - 1955 में सोवियत संघ USSR के सहयोग से द्वितीय पंचवर्षीय योजना में स्थापित, 1959 से उत्पादन प्रारंभ), बोरई औद्योगिक विकास केंद्र (रसमड़ा), एसीसी सीमेंट (जामुल - 1965, छत्तीसगढ़ का प्रथम सीमेंट कारखाना)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • दुर्ग जिले में छत्तीसगढ़ की सर्वाधिक साक्षरता दर और सबसे कम वनावरण प्रतिशत (1.11%) में दूसरा स्थान है।
  • छत्तीसगढ़ कामधेनु विश्वविद्यालय (अंजोरा, दुर्ग - वर्तमान नाम दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय) एवं CSVTU (भिलाई, 2005) यहीं स्थित हैं।
#7 • दुर्ग संभाग गठन: 01 जनवरी 2012

बालोद (Balod)

मुख्यालय: बालोद • मातृ जिला: दुर्ग

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): बालोद, गुरूर, गुण्डरदेही, डौंडी, डौंडीलोहारा, अर्जुन्दा, मार्री बंगला देवरी (7 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): बालोद, गुरूर, गुण्डरदेही, डौंडी, डौंडीलोहारा (5 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 3 सीटें (संजारी बालोद, डौंडीलोहारा-ST, गुण्डरदेही)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: तांदुला नदी (उद्गम- भानुप्रतापपुर की पहाड़ी), खरखरा नदी, जुहार नदी

खनिज संपदा (Minerals): लौह अयस्क (Iron Ore - दल्ली-राजहरा की पहाड़ियां, भिलाई स्टील प्लांट को आपूर्ति), क्वार्ट्ज

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): गोंड, हल्बा (कृषि में पारंगत जनजाति)

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: तांदुला जलाशय (1913 - छत्तीसगढ़ की प्रथम सिंचाई परियोजना, तांदुला व सूखा नाला संगम पर), खरखरा जलाशय (1967 - एशिया का प्रथम पूर्ण मिट्टी निर्मित Earthen बांध), गोंदली जलाशय, गंगा मैया मंदिर (झलमला), सियादेवी मंदिर व जलप्रपात (नारागांव), करकाभाट, कुलिया, मुजगहन, सोरर व चिरचारी (महापाषाणकालीन पाषाण घेरे / Megalithic sites), कपिलेश्वर मंदिर समूह (बालोद)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: मां दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना (करकाभाट - राज्य का तीसरा सहकारी शक्कर कारखाना, 2009)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • 12 मार्च 2024 को बालोद जिले से ही छत्तीसगढ़ सरकार की ध्वजवाहक 'कृषक उन्नति योजना' (₹3,100 प्रति क्विंटल धान खरीदी अंतर राशि) का शुभारंभ किया गया।
  • दल्ली-राजहरा श्रमिक आंदोलन के प्रसिद्ध नेता शंकर गुहा नियोगी थे (छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा)।
#8 • दुर्ग संभाग गठन: 01 जनवरी 2012

बेमेतरा (Bemetara)

मुख्यालय: बेमेतरा • मातृ जिला: दुर्ग

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): बेमेतरा, साजा, बेरला, नवागढ़, थानखम्हरिया, देवकर, नांदघाट, भिंभौरी, दाढ़ी (9 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): बेमेतरा, साजा, बेरला, नवागढ़ (4 विकासखंड — राज्य का एकमात्र जिला जहाँ तहसीलों की तुलना में विकासखंड कम हैं और कोई राष्ट्रीय उद्यान/अभयारण्य नहीं)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 3 सीटें (साजा, बेमेतरा, नवागढ़-SC)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: शिवनाथ नदी, हाफ नदी, सकरी नदी, अरपा-शिवनाथ संगम (सोमनाथ/ठाकुरदेवा के पास सीमा पर)

खनिज संपदा (Minerals): चूना पत्थर, डोलोमाइट

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): गोंड, सतनामी समुदाय व कृषक वर्ग

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: गिधवा-परसदा पक्षी विहार (नवागढ़ के पास - प्रवासी पक्षियों का प्रमुख केंद्र, छत्तीसगढ़ का प्रथम पक्षी महोत्सव 2021 में यहीं आयोजित हुआ), भद्रकाली मंदिर (बेमेतरा), खेड़ापति मंदिर (नवागढ़), देवरबीजा (कलचुरीकालीन सीता देवी मंदिर)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: कृषि आधारित उद्योग, चना व सोयाबीन उत्पादन में अग्रणी

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • 18वीं वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR 2023) के अनुसार छत्तीसगढ़ में सबसे कम वनावरण क्षेत्रफल (7.51 वर्ग किमी) और सबसे कम वनावरण प्रतिशत (0.26%) बेमेतरा जिले में है।
  • गिधवा-परसदा को छत्तीसगढ़ के पहले आर्द्रभूमि (Wetland) पक्षी संरक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
#9 • दुर्ग संभाग गठन: 26 जनवरी 1973

राजनांदगांव (Rajnandgaon)

मुख्यालय: राजनांदगांव (संस्कारधानी) • मातृ जिला: दुर्ग

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): राजनांदगांव, डोंगरगढ़, डोंगरगांव, छुरिया, लाल बहादुर नगर, घुमका, कुमर्दा (7 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): राजनांदगांव, डोंगरगढ़, डोंगरगांव, छुरिया (4 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 4 सीटें (डोंगरगढ़-SC, राजनांदगांव, डोंगरगांव, खुज्जी)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: शिवनाथ नदी, बाघ नदी (महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा बनाती है), घुमरिया नदी

खनिज संपदा (Minerals): फ्लोराइट (चांदी डोंगरी - राजनांदगांव व महासमुंद सीमा), चूना पत्थर, क्वार्ट्ज

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): गोंड, हल्बा, कंवर

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: डोंगरगढ़ (प्राचीन नाम 'कामावती नगरी' - पहाड़ी पर माँ बम्लेश्वरी मंदिर, राजा कामसेन द्वारा स्थापित; छत्तीसगढ़ का प्रथम रोपवे; प्रज्ञागिरि बौद्ध पहाड़ी; चंद्रगिरि जैन तीर्थ - आचार्य विद्यासागर जी महाराज की समाधि स्थली), मोंगरा बैराज, सूखा नाला बैराज, रानी सूर्यमुखी देवी पुरातत्व संग्रहालय

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: बंगाल-नागपुर कॉटन मिल (BNC मिल - 1892 में राजा बलराम दास के समय स्थापित, छत्तीसगढ़ का प्रथम जूट/सूती वस्त्र कारखाना), टेडेसरा एवं इंदौरी औद्योगिक केंद्र, एबिस (IB Group) पोल्ट्री एवं सॉल्वेंट प्लांट

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • राजनांदगांव में ठाकुर प्यारेलाल सिंह के नेतृत्व में भारत का सबसे लंबा 36 दिनों का प्रथम BNC मिल मजदूर हड़ताल (1920) हुआ था।
  • महान साहित्यकार गजानन माधव मुक्तिबोध, पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और बल्देव प्रसाद मिश्र की कर्मभूमि होने के कारण इसे 'छत्तीसगढ़ की साहित्यिक राजधानी / संस्कारधानी' कहा जाता है।
#10 • दुर्ग संभाग गठन: 06 जुलाई 1998 (2003 में नाम कवर्धा से बदलकर 'कबीरधाम' किया गया)

कबीरधाम / कवर्धा (Kabirdham)

मुख्यालय: कवर्धा • मातृ जिला: राजनांदगांव एवं बिलासपुर

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): कवर्धा, पंडरिया, बोड़ला, सहसपुर लोहारा, पिपरिया, कुंडा, रेंगाखार कला (7 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): कवर्धा, पंडरिया, बोड़ला, सहसपुर लोहारा (4 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 2 सीटें (पंडरिया, कवर्धा)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: सकरी नदी (भोरमदेव इसके तट पर), हाफ नदी (उद्गम- कांदावानी की पहाड़ी)

खनिज संपदा (Minerals): बॉक्साइट (Bauxite - बोदई दलदली पठार), लौह अयस्क (चिल्फी घाटी व एकलामा)

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): बैगा (विशेष पिछड़ी जनजाति PVTG - सर्वाधिक कबीरधाम व मुंगेली के मैकल पर्वत श्रेणी में; 'मेडिसिन मैन ऑफ गोंड'; साल वृक्ष को पवित्र मानते हैं; कर्मा, बिलमा व सैला नृत्य; सर्वाधिक गोदना प्रिय जनजाति)

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: भोरमदेव मंदिर (ग्राम चौरा - 1089 ई. में फणिक नागवंशी शासक गोपालदेव द्वारा नागर शैली में निर्मित; 'छत्तीसगढ़ का खजुराहो'), मड़वा महल (1349 ई. - रामचंद्र देव व अंबिका देवी के विवाह का स्मारक, दूल्हादेव मंदिर), छेरकी महल (बकरी की गंध आने वाला मंदिर), भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य (2001 - छत्तीसगढ़ का नवीनतम 11वां अभयारण्य, 163 वर्ग किमी), चिल्फी घाटी (NH-30 पर सौंदर्य स्थल, साजा के पास), रानी दहरा जलप्रपात, सरोदा दादर (बैगा एथनिक रिसॉर्ट)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना (रामहेपुर, कवर्धा - 2002-03, छत्तीसगढ़ का प्रथम शक्कर कारखाना + PPP मॉडल पर राज्य का प्रथम गन्ना आधारित एथेनॉल संयंत्र), सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना (विशेषरा, पंडरिया - 2016, चौथा शक्कर कारखाना), हरिनछपरा औद्योगिक केंद्र

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • मैकल पर्वत श्रेणी के वृष्टि छाया क्षेत्र (Rain-shadow zone) में स्थित होने के कारण कवर्धा क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में सबसे कम औसत वर्षा होती है।
  • बदरगढ़ की चोटी (1,176 मीटर) मैकल श्रेणी की सबसे ऊँची चोटी यहीं स्थित है।
#11 • दुर्ग संभाग गठन: 02 सितंबर 2022 (छत्तीसगढ़ का 29वां जिला)

मोहला - मानपुर - अंबागढ़ चौकी (MMAC)

मुख्यालय: मोहला • मातृ जिला: राजनांदगांव

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी, औंधी, खड़गांव (5 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): मोहला, मानपुर, अंबागढ़ चौकी (3 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 1 सीट (मोहला-मानपुर-ST)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: शिवनाथ नदी (प्राचीन मान्यतानुसार पानाबरस पहाड़ी, अंबागढ़ चौकी से प्रवेश/उद्गम क्षेत्र), बाघ नदी (कुलझारी पहाड़ी), कोटरी नदी (उद्गम- मोहला तहसील, इंद्रावती की सबसे बड़ी सहायक नदी)

खनिज संपदा (Minerals): यूरेनियम (Uranium - भंडारीटोला), लौह अयस्क (बोरिया टिबू), सोना (पीपलकछार)

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): गोंड, हल्बा, कंवर

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: अंबा देवी मंदिर (अंबागढ़ चौकी की पहाड़ी), मोंगरा बैराज (शिवनाथ नदी पर, अंबागढ़ चौकी), पानाबरस रियासत (छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी जमींदारी में से एक)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: वनोपज एवं तेंदूपत्ता संग्रहण, हथकरघा

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • 02 सितंबर 2022 को राजनांदगांव के दक्षिणी जनजातीय अंचल को पृथक कर इसे राज्य का 29वां जिला बनाया गया।
  • इंद्रावती की सबसे बड़ी सहायक नदी 'कोटरी नदी' (परलकोट नदी - 135 किमी) का उद्गम इसी जिले की मोहला तहसील की पहाड़ियों से होता है।
#12 • दुर्ग संभाग गठन: 03 सितंबर 2022 (छत्तीसगढ़ का 31वां जिला)

खैरागढ़ - छुईखदान - गंडई (KCG)

मुख्यालय: खैरागढ़ (संगीत नगरी) • मातृ जिला: राजनांदगांव

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): खैरागढ़, छुईखदान, गंडई, साल्हेवारा (4 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): खैरागढ़, छुईखदान (2 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 1 सीट (खैरागढ़)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: आमनेर नदी, मुस्का नदी, पिपरिया नदी (इन तीनों नदियों के संगम पर खैरागढ़ स्थित है!), कर्रा नाला (छुईखदान)

खनिज संपदा (Minerals): सफेद छुई मिट्टी (White Clay / China Clay - छुईखदान), चूना पत्थर

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): गोंड, बैगा (साल्हेवारा मैकल अंचल)

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय (खैरागढ़ - 14 अक्टूबर 1956 को राजा वीरेंद्र बहादुर सिंह व रानी पद्मावती देवी ने अपनी पुत्री राजकुमारी इंदिरा की स्मृति में 'कमल विलास पैलेस' दान कर स्थापित किया; एशिया का प्रथम संगीत एवं ललित कला विश्वविद्यालय), प्राचीन शिव मंदिर (गंडई - फणिक नागवंशीय मंदिर), नर्मदा कुंड (अमलीडीह कला), सिद्ध बाबा पहाड़ी

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: हस्तशिल्प, बांस एवं संगीत वाद्ययंत्र निर्माण

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • खैरागढ़ 'आमनेर, मुस्का और पिपरिया' नदियों के त्रिवेणी संगम पर बसा है।
  • इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय (1956) छत्तीसगढ़ का सबसे प्राचीन विश्वविद्यालय और एशिया का पहला संगीत विश्वविद्यालय है (प्रथम कुलपति: पं. श्रीकृष्ण नारायण रातंजनकर)।
#13 • बिलासपुर संभाग गठन: 02 नवंबर 1861

बिलासपुर (Bilaspur)

मुख्यालय: बिलासपुर (न्यायधानी - छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बोदरी) • मातृ जिला: मूल जिला

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): बिलासपुर, बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर, कोटा (करगीरोड), रतनपुर, बेलतरा, सीपत, सकरी, बोदरी, बेलगहना, पचपेड़ी (12 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): बिल्हा (राज्य का सबसे बड़ा विकासखंड), मस्तूरी, तखतपुर, कोटा (4 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 6 सीटें (कोटा, तखतपुर, बिल्हा, बिलासपुर, बेलतरा, मस्तूरी-SC)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: अरपा नदी (बिलासपुर शहर के मध्य से प्रवाहित), खारंग नदी (रतनपुर के पास खूंटाघाट जलाशय), मनियारी नदी, लीलागर नदी

खनिज संपदा (Minerals): डोलोमाइट (Dolomite - हिर्री माइंस, राज्य में सर्वाधिक), चूना पत्थर (चिल्हाटी)

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): बैगा, धनवार, गोंड, कंवर, भैना

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: रतनपुर ('मंदिरों व तालाबों की नगरी' - कलचुरी राजा रत्नदेव प्रथम द्वारा 1050 ई. में स्थापित; महामाया मंदिर, लखनी देवी मंदिर, बादल महल, कल्चुरी किला, रामटेक मंदिर), मल्हार (प्राचीन 'मल्लालापत्तन' - पातालेश्वर केदार मंदिर, डिंडनेश्वरी मंदिर, चतुर्भुज विष्णु प्रतिमा - छत्तीसगढ़ की प्राचीनतम मूर्ति), तालागांव (मनियारी नदी तट पर देवरानी-जेठानी मंदिर - 5वीं-6वीं सदी शरभपुरीय काल; रुद्र शिव की अष्टमुखी अद्भुत प्रतिमा), खूंटाघाट जलाशय (संजय गांधी परियोजना - 1930, खारंग नदी पर), कानन पेंडारी जू, लुथरा शरीफ (हजरत बाबा इंसान अली शाह की दरगाह)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: NTPC सीपत (2,980 MW - सुपर क्रिटिकल तकनीक आधारित ताप विद्युत संयंत्र), सिरगिट्टी, तिफरा, सिलपहरी एवं दगोरी औद्योगिक विकास केंद्र, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR - 2003, भारत का 16वां रेलवे जोन, सर्वाधिक मालभाड़ा आय वाला जोन)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (बोदरी, बिलासपुर) की स्थापना 1 नवंबर 2000 को देश के 19वें हाईकोर्ट के रूप में हुई (एशिया का सबसे बड़ा हाईकोर्ट परिसर)।
  • स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में 20,000 से कम आबादी वाले शहरों में बिलासपुर के 'बिल्हा' नगर पंचायत को पूरे भारत में प्रथम रैंक (#1) प्राप्त हुई है! गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (कोनी, 2009) राज्य का एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय है।
#14 • बिलासपुर संभाग गठन: 01 जनवरी 2012

मुंगेली (Mungeli)

मुख्यालय: मुंगेली • मातृ जिला: बिलासपुर

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): मुंगेली, लोरमी, पथरिया, लालपुर थाना, जरहागांव, सरगांव (6 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): मुंगेली, लोरमी, पथरिया (3 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 2 सीटें (लोरमी, मुंगेली-SC)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: आगर नदी (मुंगेली शहर इसके तट पर है), मनियारी नदी (उद्गम- लोरमी पठार सिहावल क्षेत्र, राजीव गांधी जलाशय/खुड़िया बांध 1930 इसके पर स्थित है), शिवनाथ नदी

खनिज संपदा (Minerals): चूना पत्थर, डोलोमाइट

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): बैगा (अचानकमार क्षेत्र), सतनामी समुदाय

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: अचानकमार वन्यजीव अभयारण्य (1975 - 553 वर्ग किमी; 2005 में भारत का 14वां व छत्तीसगढ़ का एकमात्र बायोस्फीयर रिजर्व 'अचानकमार-अमरकंटक'; 2009 में टाइगर रिजर्व घोषित), सेतगंगा (रामजानकी मंदिर - पाषाण निर्मित कलचुरीकालीन मंदिर व पवित्र कुंड), मदकू द्वीप (शिवनाथ नदी द्वारा निर्मित प्राकृतिक द्वीप - ईसाई मेला एवं मंडूक ऋषि की तपोभूमि, 19 उत्खनित शिव मंदिर), खुड़िया बांध (राजीव गांधी जलाशय - 1930, मनियारी नदी पर)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: खम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र, कृषि प्रसंस्करण

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • मदकू द्वीप शिवनाथ नदी के दो भागों में बंटने से बना एक शांत द्वीप है जहाँ प्रतिवर्ष फरवरी में प्रसिद्ध मसीही (ईसाई) मेला लगता है।
  • अचानकमार टाइगर रिजर्व के मध्य से मनियारी नदी प्रवाहित होती है जिसे अभयारण्य की जीवनरेखा कहा जाता है।
#15 • बिलासपुर संभाग गठन: 25 मई 1998

कोरबा (Korba)

मुख्यालय: कोरबा (छत्तीसगढ़ की ऊर्जा राजधानी - Power Hub) • मातृ जिला: बिलासपुर

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): कोरबा, कटघोरा, पाली, पोड़ी-उपरोड़ा, करतला, हरदीबाजार, दर्री, अजगरबहार, पसान, भैसमा, बरपाली, दीपका (12 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): कोरबा, कटघोरा, पाली, पोड़ी-उपरोड़ा, करतला (5 विकासखंड — पोड़ी-उपरोड़ा क्षेत्रफल में राज्य का सबसे बड़ा विकासखंड है)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 4 सीटें (रामपुर-ST, कोरबा, कटघोरा, पाली-तानाखार-ST)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: हसदेव नदी (महानदी की सहायक), बोराई नदी, अहिरन नदी, चोरनई नदी

खनिज संपदा (Minerals): कोयला (Coal - गेवरा [एशिया की सबसे बड़ी खुली कोयला खदान], दीपका, कुसमुंडा, मानिकपुर; राज्य में सर्वाधिक कोयला उत्पादन), बॉक्साइट (फुटका पहाड़, पवनखेड़ा पहाड़)

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): पहाड़ी कोरवा (PVTG - पेड़ के ऊपर मचान बनाकर रहते हैं, 'दमनाच' भयानक नृत्य), बिरहोर (PVTG - छाल से रस्सी बनाते हैं), कंवर, बिंझवार, धनवार

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: मिनीमाता हसदेव बांगो बांध (1967, विद्युत उत्पादन 1994 - 120 MW [40×3]; 87 मीटर ऊँचा - छत्तीसगढ़ का सबसे ऊँचा बांध एवं सर्वाधिक सिंचाई क्षमता 4.20 लाख हेक्टेयर), पाली का शिव मंदिर (बाणवंशी शासक विक्रमादित्य द्वारा 9वीं सदी में निर्मित, कलचुरी जाजल्लदेव प्रथम द्वारा जीर्णोद्धार), तुम्माण (कलचुरी वंश की छत्तीसगढ़ में प्रथम राजधानी - कलिंगराज 1000 ई.), चैतुरगढ़ / लाफागढ़ ('छत्तीसगढ़ का कश्मीर' - अष्टभुजी महिषासुर मर्दिनी मंदिर, शंकर गुफा), कोसगई माता मंदिर (बाहरेंद्र साय की राजधानी), सतरेंगा (इको-टूरिज्म व क्रूज वाटर स्पोर्ट्स), केंदाई जलप्रपात (कटघोरा-अंबिकापुर मार्ग पर)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: BALCO (भारत एल्युमिनियम कंपनी - 24 नवंबर 1965 को हंगरी व सोवियत संघ के सहयोग से स्थापित, 1975 से उत्पादन, 2001 में स्टरलाइट/वेदांता में विनिवेश), NTPC कोरबा (जमनीपाली - 2,600 MW, 1978 स्थापित), डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह (500 MW), हसदेव ताप विद्युत गृह (कोरबा पश्चिम), मड़वा-तेंदूभाठा

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • गेवरा कोयला खदान (कोरबा) 70 मिलियन टन वार्षिक क्षमता के साथ एशिया की सबसे बड़ी ओपन-कास्ट कोयला खदान है।
  • तुम्माण (पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक) छत्तीसगढ़ में कलचुरियों की पहली राजधानी थी।
#16 • बिलासपुर संभाग गठन: 25 मई 1998

जांजगीर - चांपा (Janjgir-Champa)

मुख्यालय: जांजगीर (प्राचीन नाम 'जाजल्लपुर') • मातृ जिला: बिलासपुर

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📍 तहसीलें (Tehsils): जांजगीर, चांपा, अकलतरा, बलौदा, नवागढ़, पामगढ़, शिवरीनारायण, सारागांव, बम्हनीडीह (9 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): नवागढ़ (जांजगीर), अकलतरा, बलौदा, पामगढ़, बम्हनीडीह (5 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 3 सीटें (अकलतरा, जांजगीर-चांपा, पामगढ़-SC)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: महानदी, शिवनाथ नदी, जोंक नदी (शिवरीनारायण में महानदी + शिवनाथ + जोंक का त्रिवेणी संगम), लीलागर नदी, हसदेव नदी

खनिज संपदा (Minerals): चूना पत्थर (अकलतरा, रेमण्ड), डोलोमाइट

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): कंवर, गोंड, सतनामी समुदाय

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: शिवरीनारायण (माता शबरी की तपोभूमि - राम वन गमन पथ का प्रमुख केंद्र; महानदी, शिवनाथ व जोंक का संगम; नर-नारायण मंदिर, चंद्रचूड़ महादेव, केशवनारायण मंदिर; माघ पूर्णिमा का मेला), विष्णु मंदिर जांजगीर ('नकटा मंदिर' - कलचुरी राजा जाजल्लदेव प्रथम द्वारा 12वीं सदी में बनवाया गया अधूरा मंदिर), कोटमीसोनार (अकलतरा - क्रोकोडाइल पार्क / मगरमच्छ संरक्षण केंद्र, 2006), दल्हा पहाड़ (अकलतरा - 760 मीटर, नागपंचमी मेला), पीथमपुर (हसदेव नदी तट पर कलेश्वरनाथ महादेव मंदिर - धूल पंचमी मेला), खरौद ('छत्तीसगढ़ की काशी' - लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर जहाँ सवा लाख छिद्र वाला लिंग है, शबरी मंदिर)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: चांपा कोसा सिल्क (GI Tag प्राप्त विश्व प्रसिद्ध कोसा कपड़ा एवं कांस्य बर्तन उद्योग), मड़वा-तेंदूभाठा ताप विद्युत संयंत्र (अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह - 2×500 = 1000 MW), कापन औद्योगिक क्षेत्र, मध्य भारत पेपर मिल (चांपा)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • चांपा की कोसा साड़ियाँ (Kosa Silk) अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हैं और जिले में सर्वाधिक कृत्रिम सिंचाई (नहरों द्वारा ~84%) होती है।
  • कोटमीसोनार राज्य का एकमात्र समर्पित मगरमच्छ संरक्षण पार्क (Crocodile Park) है।
#17 • बिलासपुर संभाग गठन: 01 जनवरी 1948 (रियासतों के विलय के पश्चात)

रायगढ़ (Raigarh)

मुख्यालय: रायगढ़ (छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक राजधानी) • मातृ जिला: रायगढ़, सारंगढ़, जशपुर व उदयपुर रियासत के विलय से

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): रायगढ़, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, धरमजयगढ़, कापू, छाल, मुकड़ेगा (10 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): रायगढ़, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, धरमजयगढ़ (7 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 4 सीटें (लैलूंगा-ST, रायगढ़, खरसिया, धरमजयगढ़-ST)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: केलो नदी (उद्गम- लुड़ेग पहाड़ी लैलूंगा; रायगढ़ शहर इसके तट पर स्थित है; दिलीप सिंह जूदेव परियोजना/केलो बांध), मांड नदी, कुरकुट नदी

खनिज संपदा (Minerals): कोयला (मांड-रायगढ़ कोयला क्षेत्र - गारे पल्मा, तमनार, घरघोड़ा, धरमजयगढ़; भंडारण की दृष्टि से राज्य में प्रथम!), चूना पत्थर, क्वार्ट्ज

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): उरांव, कंवर, बिरहोर (PVTG - 'द कोल्स ऑफ छोटानागपुर' पुस्तक एस.सी. रॉय ने लिखी), राठिया, नगेशिया, संवरा

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: सिंघनपुर की गुफाएं (छत्तीसगढ़ की सबसे प्राचीन प्रागैतिहासिक शैलचित्र गुफा - 1910 में एंडरसन द्वारा खोज; सीढ़ीनुमा मानव आकृति व शिकार के चित्र), कबरा पहाड़ (लाल रंग की छिपकली, घड़ियाल व सांभर के शैलचित्र), बसनाझर, करमागढ़, टीपाखोल, बोतल्दा (छत्तीसगढ़ की सबसे लंबी गुफा), रामझरना (भूपदेवपुर), चक्रधर समारोह (राजा चक्रधर सिंह की स्मृति में प्रतिवर्ष गणेश चतुर्थी पर 10 दिवसीय अखिल भारतीय शास्त्रीय संगीत व कथक महोत्सव)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (JSPL - एशिया का सबसे बड़ा स्पंज आयरन संयंत्र), NTPC लारा (पुसौर - 1600 MW सुपर थर्मल पावर), सियारपाली-महुआपाली औद्योगिक केंद्र, रायगढ़ जूट मिल (1935 - राज्य की एकमात्र जूट मिल, मोहन जूट मिल)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • रायगढ़ के महाराजा चक्रधर सिंह ने कथक के 'रायगढ़ घराना' को जन्म दिया और 'ताल तोय निधि', 'नर्तन सर्वस्व', 'मूर्छना' जैसे ग्रंथ लिखे।
  • सिंघनपुर की गुफाएं छत्तीसगढ़ के सबसे प्राचीन मानव शैलचित्रों (Rock Paintings) के लिए प्रसिद्ध हैं।
#18 • बिलासपुर संभाग गठन: 10 फरवरी 2020 (छत्तीसगढ़ का 28वां जिला)

गौरेला - पेंड्रा - मरवाही (GPM)

मुख्यालय: गौरेला • मातृ जिला: बिलासपुर

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): पेंड्रारोड (गौरेला), पेंड्रा, मरवाही, सकोला (4 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): गौरेला, पेंड्रा, मरवाही (3 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 1 सीट (मरवाही-ST — प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी का निर्वाचन क्षेत्र)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: अरपा नदी (उद्गम- खोडरी-खोंगसरा की पहाड़ी, पेंड्रा पठार!), सोन नदी (सोनमुड़ा/अमरकंटक सीमा क्षेत्र), आगर नदी, तान नदी

खनिज संपदा (Minerals): बॉक्साइट, चूना पत्थर

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): बैगा (PVTG), भैना, गोंड, कंवर, धनवार

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: कबीर चबूतरा (अमरकंटक सीमा - संत कबीर और गुरु नानक देव का मिलन स्थल), जलेश्वर महादेव मंदिर, राजमेरगढ़ (मैकल श्रेणी का मनोरम पर्यटन शिखर), पलमा चोटी (1,080 मीटर - पेंड्रा-लोरमी पठार की सर्वोच्च चोटी), सफेद भालू (मरवाही के वनों में देखे गए दुर्लभ भालू), लक्ष्मण धारा

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: अंजनी औद्योगिक विकास केंद्र (गौरेला), वनोपज एवं शहद-लाख प्रसंस्करण

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • छत्तीसगढ़ का प्रथम हिंदी समाचार पत्र 'छत्तीसगढ़ मित्र' सन् 1900 में पं. माधवराव सप्रे एवं रामराव चिंचोलकर द्वारा 'पेंड्रा रोड' से ही प्रकाशित किया गया था!
  • बिलासपुर की जीवनरेखा 'अरपा नदी' का उद्गम इसी जिले की पेंड्रा तहसील (खोडरी-खोंगसरा पहाड़ी) से होता है।
#19 • बिलासपुर संभाग गठन: 03 सितंबर 2022 (छत्तीसगढ़ का 30वां जिला)

सारंगढ़ - बिलाईगढ़ (Sarangarh-Bilaigarh)

मुख्यालय: सारंगढ़ (बांस नगरी) • मातृ जिला: रायगढ़ एवं बलौदा बाजार-भाटापारा

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): सारंगढ़, बरमकेला, बिलाईगढ़, भटगांव, सरिया, कोसीर (6 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): सारंगढ़, बरमकेला, बिलाईगढ़ (3 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 2 सीटें (सारंगढ़-SC, बिलाईगढ़-SC)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: महानदी, लात नदी, सुरंगी नदी (किंकारी बांध - बरमकेला)

खनिज संपदा (Minerals): चूना पत्थर (टिमरलगा व गुड़ेली - क्रशर व स्टोन खदान क्लस्टर), डोलोमाइट

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): सौंरा, गोंड, बिंझवार, सतनामी एवं अघरिया समाज

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: गोमर्डा वन्यजीव अभयारण्य (1975 - सारंगढ़, 278 वर्ग किमी; सोनकुत्ता/जंगली कुत्ता 'ढोल' एवं गौर के लिए प्रसिद्ध), पुजारीपाली (बरमकेला - केंवटीन मंदिर, गुप्त/नलवंशी कालीन लाल ईंट निर्मित मंदिर), समलाई देवी मंदिर (सारंगढ़ रियासत की कुलदेवी), गिरिविलास पैलेस (सारंगढ़ राजमहल), किंकारी बांध (बरमकेला)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: टिमरलगा स्टोन क्रशर क्लस्टर, कोसा व हथकरघा बुनाई

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • छत्तीसगढ़ के प्रथम आदिवासी मुख्यमंत्री राजा नरेशचंद्र सिंह (मात्र 13 दिन कार्यकाल, मार्च 1969) सारंगढ़ रियासत के ही शासक थे।
  • महानदी पर छत्तीसगढ़ का सबसे लंबा सड़क पुल 'सूरजगढ़ पुल' (1,830 मीटर - पुसौर/सरिया सीमा क्षेत्र) इसी अंचल को जोड़ता है।
#20 • बिलासपुर संभाग गठन: 09 सितंबर 2022 (छत्तीसगढ़ का 33वां नवीनतम जिला)

सक्ती (Sakti)

मुख्यालय: सक्ती (जेठा) • मातृ जिला: जांजगीर-चांपा

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): सक्ती, मालखरौदा, जैजैपुर, डभरा, अड़भार, चंद्रपुर, नया बाराद्वार, हसौद (8 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): सक्ती, मालखरौदा, जैजैपुर, डभरा (4 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 3 सीटें (सक्ती, चंद्रपुर, जैजैपुर)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: महानदी, मांड नदी एवं लात नदी (चंद्रपुर में महानदी + मांड + लात का पवित्र त्रिवेणी संगम!), बोराई नदी

खनिज संपदा (Minerals): डोलोमाइट (बाराद्वार - उच्च श्रेणी का डोलोमाइट), चूना पत्थर

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): कंवर, गोंड

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: चंद्रहासिनी देवी मंदिर (चंद्रपुर - महानदी, मांड व लात नदी के त्रिवेणी संगम पर स्थित सिद्ध शक्तिपीठ एवं नाथलदाई मंदिर), अष्टभुजी माता मंदिर (अड़भार), दमाऊदहरा (रैनखोल - जलप्रपात एवं शैलचित्र स्थल, गुंजी शिलालेख - सातवाहन राजा कुमार वरदत्त श्री का प्राकृत शिलालेख), किरारी का काष्ठ स्तंभ (1921 में प्राप्त सातवाहन कालीन लकड़ी का स्तंभ लेख - वर्तमान में रायपुर संग्रहालय में सुरक्षित), रेनखोल व पंचवटी

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: डभरा एवं अंगारखार ताप विद्युत संयंत्र (RKM Powergen, Athena), कोसा बुनाई

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • सक्ती छत्तीसगढ़ की 14 देशी रियासतों में से एक थी (गोंड शासक हरि और गुर्जर ने स्थापित की थी; 'छुईहा रियासत' भी कहा जाता था)।
  • गुंजी (दमाऊदहरा) और किरारी का काष्ठ स्तंभ सातवाहन काल के सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक प्रमाण हैं, जो अब सक्ती जिले के अंतर्गत आते हैं।
#21 • बस्तर संभाग गठन: 01 जनवरी 1948 (रियासत विलय के समय गठित)

बस्तर (Bastar - जगदलपुर)

मुख्यालय: जगदलपुर (चौराहों का शहर - काकतीय राजा रुद्रप्रताप देव द्वारा नियोजित) • मातृ जिला: बस्तर एवं कांकेर रियासत

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): जगदलपुर, बस्तर, बकावंड, लोहंडीगुड़ा, तोकापाल, दरभा, बास्तानार, नानगूर, भानपुरी, करपावंड (10 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): जगदलपुर, बस्तर, बकावंड, लोहंडीगुड़ा, तोकापाल, दरभा, बास्तानार (7 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 3 सीटें (बस्तर-ST, जगदलपुर, चित्रकोट-ST)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: इंद्रावती नदी ('बस्तर की जीवनरेखा' - उद्गम मुंगेर पर्वत कालाहांडी ओडिशा), सबरी नदी (कोलाब नदी), कांगेर नदी, मुनगाबहार नदी

खनिज संपदा (Minerals): कोरण्डम (दरभा), अभ्रक (Mica - झीरम घाटी व दरभा), बॉक्साइट, चूना पत्थर (कोटमसर), डोलोमाइट (मचकोट)

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): मुरिया (घोटुल युवागृह परंपरा - चेली व मोटियारी; मांदरी, हुल्कीपाटा व एबालतोर नृत्य), धुरवा (परजा - कांगेर घाटी में निवास, परब/सैन्य नृत्य), भतरा (भतरा नाट - उड़ीसा से आए, सेवक का कार्य), हल्बा

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: चित्रकोट जलप्रपात (इंद्रावती नदी पर - 90 फीट ऊँचा एवं 300 मीटर चौड़ा; 'भारत का नियाग्रा जलप्रपात', घोड़े की नाल के आकार का), तीरथगढ़ जलप्रपात (मुनगाबहार नदी पर - लगभग 300 फीट ऊँचा बहु-स्तरीय प्रपात), कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान (22 जुलाई 1982 - 200 वर्ग किमी, राज्य का सबसे छोटा नेशनल पार्क; राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना व उड़न गिलहरी का संरक्षण; कोटमसर गुफा [प्रो. शंकर तिवारी द्वारा 1958 में खोज, अंधी मछली 'कानी मछरी'], कैलाश गुफा, दंडक गुफा), दलपत सागर (छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा कृत्रिम तालाब), बस्तर दशहरा (75 दिनों का विश्व का सबसे लंबा पर्व - राजा पुरुषोत्तम देव द्वारा रथ यात्रा प्रारंभ, बिना रावण वध के देवी दंतेश्वरी व मावली परघाव की पूजा)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: नगरनार स्टील प्लांट (NMDC - 3 MTPA एकीकृत इस्पात संयंत्र), बस्तर ढोकरा शिल्प (Bell Metal), लौह शिल्प, बांस व काष्ठ शिल्प (GI Tag प्राप्त), इमली प्रसंस्करण (एशिया की सबसे बड़ी इमली मंडी जगदलपुर)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • 1910 का प्रसिद्ध 'भूमकाल विद्रोह' नेतानार के वीर गुंडाधूर और रानी सुवर्ण कुंवर के नेतृत्व में हुआ था (प्रतीक: लाल मिर्च और आम की टहनी)।
  • शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय (बस्तर विश्वविद्यालय, जगदलपुर - 2008) एवं मानव विज्ञान संग्रहालय (1972, धरमपुरा) यहीं स्थित हैं।
#22 • बस्तर संभाग गठन: 25 मई 1998

उत्तर बस्तर कांकेर (Kanker)

मुख्यालय: कांकेर (प्राचीन नाम 'काकरय' - सोमवंश की राजधानी) • मातृ जिला: बस्तर

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): कांकेर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़, पखांजूर (परलकोट), चारामा, नरहरपुर, दुर्गकोंदल, कोयलीबेड़ा, बांदे, सरोना, आमाबेड़ा (11 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): कांकेर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़, कोयलीबेड़ा (पखांजूर), चारामा, नरहरपुर, दुर्गकोंदल (7 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 3 सीटें (अंतागढ़-ST, भानुप्रतापपुर-ST, कांकेर-ST)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: महानदी (कांकेर जिले में प्रवेश कर पूर्व की ओर मुड़ती है), दूध नदी (उद्गम- मलाजकुंडम पहाड़ी; कांकेर शहर इसके तट पर है!), कोटरी नदी (परलकोट नदी), तांदुला नदी (उद्गम- भानुप्रतापपुर की पहाड़ी), हाट कुल नदी

खनिज संपदा (Minerals): लौह अयस्क (रावघाट पहाड़ी [भिलाई स्टील प्लांट को नई आपूर्ति], आरीडोंगरी, चारगांव, मेटाबोदली, हाहालादी), सोना (सोनादेही), बॉक्साइट, गार्नेट

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): गोंड, हल्बा, मुरिया

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: मलाजकुंडम जलप्रपात (दूध नदी पर), चर्रे-मर्रे जलप्रपात (अंतागढ़-आमाबेड़ा मार्ग पर जोगीधारा नदी पर), गढ़िया पहाड़ (कांकेर - सोनई-रुपई तालाब जो कभी नहीं सूखता, कंडरा राजा धर्मदेव का किला), चारामा के शैलचित्र (उड़नतश्तरी व एलियन जैसी प्रागैतिहासिक आकृतियों के लिए चर्चित), खेरकट्टा जलाशय (परलकोट जलाशय - पखांजूर), ईशान वन

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: खनन उद्योग (रावघाट व आरीडोंगरी लौह अयस्क प्रोजेक्ट), लखनपुरी औद्योगिक क्षेत्र, सीताफल एवं लाख उत्पादन

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • 1824-25 का ऐतिहासिक 'परलकोट विद्रोह' जमींदार गेंदसिंह (बस्तर के प्रथम शहीद - 20 जनवरी 1825 को फांसी) के नेतृत्व में ब्रिटिश व मराठों के विरुद्ध यहीं हुआ था (प्रतीक: धावड़ा वृक्ष की टहनी)।
  • कांकेर रियासत का अंतिम शासक भानुप्रताप देव थे।
#23 • बस्तर संभाग गठन: 25 मई 1998

दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा (Dantewada)

मुख्यालय: दंतेवाड़ा (प्राचीन नाम 'तारलापाल' / 'दंतेश्वरी नगरी') • मातृ जिला: बस्तर

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): दंतेवाड़ा, गीदम, कटेकल्याण, कुआकोंडा, बड़े बचेली, बारसूर (6 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): दंतेवाड़ा, गीदम, कटेकल्याण, कुआकोंडा (4 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 1 सीट (दंतेवाड़ा-ST)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: इंद्रावती नदी (बारसूर इसके तट पर), डंकिनी एवं शंखिनी नदी (दंतेवाड़ा में संगम - डंकिनी का उद्गम डांगरी-डोंगरी व शंखिनी का उद्गम बैलाडीला नंदीराज चोटी से; रक्ताभ लाल रंग का जल)

खनिज संपदा (Minerals): लौह अयस्क (Iron Ore - बैलाडीला की पहाड़ियां [14 निक्षेप, विश्व का सर्वोत्तम हेमेटाइट लौह अयस्क]; किरंदुल व बचेली; विशाखापट्टनम बंदरगाह से जापान को निर्यात), टिन अयस्क (Cassiterite - कटेकल्याण, बचेली)

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): दंडामी माड़िया (गौर नृत्य - बायसन हॉर्न माड़िया; वैरियर एल्विन ने इसे 'विश्व का सबसे सुंदर नृत्य' कहा), मुरिया, दोरला, हलबा

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: माँ दंतेश्वरी मंदिर (डंकिनी-शंखिनी नदी के संगम पर काकतीय राजा अन्नमदेव द्वारा 14वीं सदी में निर्मित 52वां शक्तिपीठ), बारसूर ('मंदिरों व तालाबों की नगरी' - छिंदक नागवंश की राजधानी; बत्तीसा मंदिर, मामा-भांजा मंदिर, विशाल गणेश प्रतिमा [एक ही बलुआ पत्थर से निर्मित जुड़वां गणेश], चंद्रादित्य मंदिर व सरोवर), ढोलकल गणेश शिखर (बैलाडीला की 3,000 फीट ऊँची चोटी पर छिंदक नागवंशीय एकाश्म गणेश प्रतिमा), फूलपाड़ जलप्रपात, सातधार जलप्रपात (इंद्रावती नदी पर बोधघाट के पास), मेदनी घूमर जलप्रपात, आकाश नगर (बैलाडीला की सर्वोच्च चोटी 'नंदीराज' 1,210 मीटर पर स्थित)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: NMDC (नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन - किरंदुल [1968], बचेली [1980]), डेनेक्स (DANEX - Dantewada Next गारमेंट फैक्ट्री, नवा दंतेवाड़ा), पूर्ण जैविक जिला

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • बैलाडीला की 'नंदीराज चोटी' (1,210 मीटर) दक्षिण छत्तीसगढ़ (दंडकारण्य) की सबसे ऊँची चोटी है और छत्तीसगढ़ की दूसरी सबसे ऊँची चोटी है।
  • अप्रैल 1876 के 'मुरिया विद्रोह' (नेतृत्व- झाड़ा सिरहा, प्रतीक- आम की टहनी) के बाद जगदलपुर में 8 मार्च 1876 को प्रसिद्ध 'बस्तर का काला दिवस' और मुरिया दरबार आयोजित हुआ था।
#24 • बस्तर संभाग गठन: 01 जनवरी 2012 (अधिसूचना 15 अगस्त 2011)

कोण्डागांव (Kondagaon)

मुख्यालय: कोण्डागांव (छत्तीसगढ़ की शिल्प नगरी - Craft City) • मातृ जिला: बस्तर

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): कोण्डागांव, केशकाल, फरसगांव, माकड़ी, बड़ेराजपुर, मर्दापाल, धनोरा (7 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): कोण्डागांव, केशकाल, फरसगांव, माकड़ी, बड़ेराजपुर (5 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 2 सीटें (केशकाल-ST, कोण्डागांव-ST)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: नारंगी नदी (उद्गम- माकड़ी क्षेत्र; कोण्डागांव शहर इसके तट पर बसा है!), भंवरडीह नदी, बोर्डिंग नदी, गुदरा नदी

खनिज संपदा (Minerals): बॉक्साइट (केशकाल घाटी व कुएंमारी)

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): मुरिया, गोंड, हल्बा, गड़वा (बेल मेटल शिल्पकार)

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: केशकाल घाटी ('बस्तर का प्रवेश द्वार' एवं 'फूलों की घाटी' - NH-30 पर 12 मोड़ों वाली सुरम्य घाटी; महानदी और गोदावरी अपवाह तंत्र के बीच महान जल-विभाजक पर्वत!; ऊपर तेलिन सती माता मंदिर), गढ़धनोरा (प्राचीन नलवंश की राजधानी 'पुष्पाकिरण' एवं गोबरहीन के ईंट निर्मित टीले), भोंगापाल (बुद्ध चैत्य विहार - 6वीं सदी की भगवान बुद्ध की प्रतिमा), अड़ेंगा (नलवंशी शासक वराहराज के 29 स्वर्ण सिक्के प्राप्त), टाटामारी (केशकाल - इको-टूरिज्म ग्लास ब्रिज व व्यू प्वाइंट), कुएंमारी व कटुलकसा जलप्रपात, बड़े डोंगर (दंतेश्वरी मंदिर व भैंसासुर पहाड़ी)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: माँ दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण एवं एथेनॉल संयंत्र (ग्राम कोकोड़ी, कोण्डागांव - 80 KLPD क्षमता का छत्तीसगढ़ का प्रथम मक्का आधारित एथेनॉल प्लांट!), बेल मेटल / घड़वा शिल्प, लौह शिल्प, बांस व तुमा शिल्प, काली मिर्च (मां दंतेश्वरी हर्बल समूह)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक लिंगानुपात (Sex Ratio - 1,033 प्रति हजार पुरुष; 2026 अनुमानित 1,053) कोण्डागांव जिले में है!
  • स्वर्गीय जयदेव बघेल और भेलवा राम कोण्डागांव के घड़वा (बेल मेटल) शिल्प के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार रहे हैं।
#25 • बस्तर संभाग गठन: 01 मई 2007

नारायणपुर (Narayanpur)

मुख्यालय: नारायणपुर • मातृ जिला: बस्तर

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): नारायणपुर, ओरछा (अबूझमाड़), छोटेडोंगर, कोहकामेटा (4 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): नारायणपुर, ओरछा (मात्र 2 विकासखंड — राज्य में सबसे कम विकासखंड वाला जिला KCG के साथ)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 1 सीट (नारायणपुर-ST)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: निबरा नदी (नारायणपुर क्षेत्र), गुदरा नदी, कोटरी नदी

खनिज संपदा (Minerals): लौह अयस्क (छोटेडोंगर एवं रावघाट विस्तार क्षेत्र), अभ्रक, कोरण्डम

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): अबूझमाड़िया (विशेष पिछड़ी जनजाति PVTG - अबूझमाड़ की पहाड़ियों में निवास; स्थानांतरित कृषि 'पेद्दा' करते हैं; युवागृह 'गोतुल/कोसी घोटुल'; ककसार नृत्य व कोलांग नृत्य)

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: अबूझमाड़ ('छत्तीसगढ़ का चेरापूंजी' - राज्य में सर्वाधिक औसत वर्षा 187 सेमी से अधिक वाला स्थान; 'अज्ञात पहाड़ियाँ'), खुरसेल घाटी एवं खुरसेल जलप्रपात (उच्च कोटि के सागौन वनों के लिए विश्व प्रसिद्ध - बर्मा टीक के समतुल्य!), हांदावाड़ा जलप्रपात (नारायणपुर-दंतेवाड़ा सीमा पर विशाल जलप्रपात, बाहुबली फिल्म जैसी छटा), रामकृष्ण मिशन आश्रम (स्वामी आत्मानंद जी द्वारा 1985 में आदिवासी शिक्षा व सेवा हेतु स्थापित), मड़ई मेला (नारायणपुर का मड़ई मेला छत्तीसगढ़ में सबसे प्रसिद्ध है - फरवरी माह में)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: बांस एवं वनोपज संग्रहण, पूर्ण जैविक जिला (5 पूर्ण जैविक जिलों में शामिल)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • 1842-63 का 'तारापुर विद्रोह' (नेतृत्व- दलगंजन सिंह, बढ़े गए कर के विरुद्ध) और 1859 का 'कोई विद्रोह' (साल वृक्षों की कटाई के विरुद्ध - नारा: 'एक साल वृक्ष के पीछे एक व्यक्ति का सिर') बस्तर-नारायणपुर अंचल के ऐतिहासिक जनजातीय विद्रोह हैं।
  • खुरसेल घाटी (नारायणपुर) अपने सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले सागौन (Teak) वृक्षों के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है।
#26 • बस्तर संभाग गठन: 01 मई 2007

बीजापुर (Bijapur)

मुख्यालय: बीजापुर • मातृ जिला: दंतेवाड़ा

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): बीजापुर, भैरमगढ़, भोपालपटनम, उसूर, गंगालूर, कुटरू (6 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): बीजापुर, भैरमगढ़, भोपालपटनम, उसूर (4 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 1 सीट (बीजापुर-ST)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: इंद्रावती नदी, गोदावरी नदी (भद्रकाली के पास सीमा बनाती है), चिंतावागु नदी, तालपेरू नदी, कोटरी नदी (बीजापुर की सीमा पर इंद्रावती में मिलती है)

खनिज संपदा (Minerals): कोरण्डम (Corundum - भोपालपटनम, कुचनूर, उसूर, उल्लूर; हीरे के बाद दूसरा सबसे कठोर रत्न खनिज, राज्य में प्रथम!), लौह अयस्क, गार्नेट

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): माड़िया, मुरिया, दोरला, गोंड, हल्बा

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान (1978 में नेशनल पार्क, 1983 में राज्य का प्रथम टाइगर रिजर्व घोषित, 1,258 वर्ग किमी; कुटरू गेम सेंचुरी इसी के अंतर्गत है), पामेड़ वन्यजीव अभयारण्य (1983 - 262 वर्ग किमी, वन भैंसा संरक्षण), भैरमगढ़ वन्यजीव अभयारण्य (1983 - 139 वर्ग किमी, चिंतावागु नदी प्रवाहित), नम्बी जलधारा (उसूर पहाड़ी - लगभग 540 फीट ऊँचा जलप्रपात!), बोगतुंग जलप्रपात, लंकापल्ली जलप्रपात, भद्रकाली (गोदावरी व इंद्रावती नदी का संगम स्थल), नडपल्ली व सकलनारायण गुफा (चिंतावागु नदी के पास)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: वनोपज प्रसंस्करण, पूर्ण जैविक जिला (5 पूर्ण जैविक जिलों में शामिल)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • 18वीं वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR 2023) के अनुसार छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक वनावरण क्षेत्रफल (7,092.77 वर्ग किमी) बीजापुर जिले में दर्ज किया गया है!
  • 1795 का 'भोपालपटनम संघर्ष' कैप्टन जे.टी. ब्लंट के बस्तर प्रवेश को रोकने के लिए गोंड आदिवासियों द्वारा इंद्रावती नदी के तट पर किया गया था।
#27 • बस्तर संभाग गठन: 16 जनवरी 2012

सुकमा (Sukma)

मुख्यालय: सुकमा (छत्तीसगढ़ का सबसे दक्षिणी जिला) • मातृ जिला: दंतेवाड़ा

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): सुकमा, कोंटा, छिंदगढ़, दोरनापाल, गादीरास, तोंगपाल (6 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): सुकमा, कोंटा, छिंदगढ़ (3 विकासखंड — 'कोंटा' छत्तीसगढ़ की सबसे दक्षिणी तहसील है)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 1 सीट (कोंटा-ST)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: सबरी नदी (कोलाब नदी - छत्तीसगढ़ की एकमात्र नदी जिसमें कोंटा से आंध्रप्रदेश के कुनावरम तक 36 किमी जल परिवहन / नौकायन होता है!), मलगेर नदी (उद्गम- बैलाडीला की पहाड़ी, इस पर मलगेर इंदुल जलप्रपात है)

खनिज संपदा (Minerals): टिन अयस्क (Tin / Cassiterite - गोविंदपाल, चीतलनार, मुंडवाल, तोंगपाल, कोंटा; भारत में टिन का 100% उत्पादन छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-सुकमा से होता है!), कोरण्डम (सोनाकुआं, नागरास), अभ्रक, लेपिडोलाइट, सिलिमनाइट

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): दोरला (दक्षिण सुकमा-कोंटा अंचल में निवास, 'पेद्दुल' विवाह नृत्य), माड़िया, मुरिया, धुरवा

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: रानी दहरा जलप्रपात (सबरी नदी क्षेत्र), गुप्तेश्वर जलप्रपात (छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर सबरी नदी पर), मलगेर इंदुल जलप्रपात, रामाराम (सुकमा - राम वन गमन पथ का छत्तीसगढ़ में अंतिम दक्षिणी पड़ाव; चिटमिट्टीन माता मंदिर जहाँ प्रभु श्रीराम ने भूदेवी की आराधना की थी), इंजरम एवं दोरनापाल

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: टिन अयस्क खनन, वनोपज (महुआ, इमली, तेंदूपत्ता), पूर्ण जैविक जिला (5 पूर्ण जैविक जिलों में शामिल)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • 18वीं वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR 2023) के अनुसार छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक वनावरण प्रतिशत (83.16%) सुकमा जिले में है!
  • 1856 के 'लिंगागिरी विद्रोह' के नायक धुर्वा राव (माड़िया जनजाति) थे जिन्हें 5 मार्च 1856 को फांसी दी गई (इन्हें बस्तर का दूसरा शहीद कहा जाता है)।
#28 • सरगुजा संभाग गठन: 01 जनवरी 1948 (रियासत विलय से)

सरगुजा (Surguja - अंबिकापुर)

मुख्यालय: अंबिकापुर (माँ महामाया एवं अंबिका देवी की नगरी) • मातृ जिला: सरगुजा रियासत (रक्सेल एवं रत्नदेव राजवंश)

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): अंबिकापुर, लखनपुर, उदयपुर, सीतापुर, बतौली, मैनपाट, लुण्ड्रा (धौरपुर), दरिमा (8 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): अंबिकापुर, लखनपुर, उदयपुर, सीतापुर, बतौली, मैनपाट, लुण्ड्रा (7 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 3 सीटें (लुण्ड्रा-ST, अंबिकापुर, सीतापुर-ST)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: रिहंद नदी (उद्गम- छुरी मतिरिंगा की पहाड़ी, उदयपुर/अंबिकापुर; सरगुजा की जीवनरेखा!), मांड नदी (उद्गम- मैनपाट पठार से!), कन्हर नदी, घुनघुट्टा नदी (श्याम परियोजना)

खनिज संपदा (Minerals): कोयला (लखनपुर, विश्रामपुर-तारा, हसदेव-अरंड कोयला क्षेत्र [परसा केते बासेन]), बॉक्साइट (Bauxite - मैनपाट, जारंगपाट, सेदम, केशरा; राज्य में सर्वाधिक बॉक्साइट भंडारों में प्रमुख)

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): पहाड़ी कोरवा (PVTG), मंझवार, खैरवार (कत्था निकालने का परंपरागत कार्य), उरांव, कंवर, सौंसर, कोडाकू, पंडो (राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र)

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: मैनपाट ('छत्तीसगढ़ का शिमला' एवं 'छोटा तिब्बत' - 1,152 मीटर ऊँचा पठार; 1962 में तिब्बती शरणार्थियों को बसाया गया, ढकपो शेडुपलिंग बौद्ध मठ; उल्टा पानी [Bisarpani], जलजली [उछलती हुई दलदली भूमि / Bouncing Land], टाइगर प्वाइंट, फिश प्वाइंट, मेहता प्वाइंट), रामगढ़ की पहाड़ी (उदयपुर - विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला 'सीताबेंगरा गुफा' [लक्ष्मण बेंगरा, हाथीपोल सुरंग] एवं जोगीमारा गुफा [मौर्यकालीन सम्राट अशोक के समय देवदत्त व सुतनुका की प्रेमगाथा पाली भाषा व ब्राह्मी लिपि में उत्कीर्ण]; महाकवि कालिदास ने यहीं 'मेघदूतम' की रचना की, आषाढ़ के प्रथम दिवस पर रामगढ़ महोत्सव), महेशपुर (रिहंद नदी के तट पर 10वीं सदी के शिव व जैन मंदिर समूह), देवगढ़ (अर्धनारीश्वर शिव मंदिर), सरभंजा जलप्रपात (मांड नदी पर), दरिमा एयरपोर्ट (माँ महामाया एयरपोर्ट)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना (केरता - सूरजपुर सीमा), नयनपुर-गिरवरगंज औद्योगिक क्षेत्र, स्वच्छता मॉडल (देश का प्रथम कचरा कैफे 'गार्बेज कैफे' अंबिकापुर में 2019 में खुला!)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • रामगढ़ की पहाड़ी स्थित 'सीताबेंगरा गुफा' को विश्व की सबसे पुरानी नाट्यशाला (Amphitheatre - 300 ई.पू.) माना जाता है।
  • अंबिकापुर नगर निगम अपने 'Zero Waste / SLRM मॉडल' और भारत के पहले 'गार्बेज कैफे' (प्लास्टिक कचरे के बदले भोजन) के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत है।
#29 • सरगुजा संभाग गठन: 25 मई 1998

कोरिया (Koriya - बैकुंठपुर)

मुख्यालय: बैकुंठपुर • मातृ जिला: सरगुजा

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): बैकुंठपुर, सोनहत, पटना, पोड़ी बचरा (4 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): बैकुंठपुर, सोनहत (2 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 1 सीट (बैकुंठपुर)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: हसदेव नदी (उद्गम- कैमूर पर्वत श्रेणी, सोनहत तहसील!), गोपद नदी (उद्गम- सोनहत पठार), गेज नदी (झुमका बांध)

खनिज संपदा (Minerals): कोयला (चर्चा, झिलमिली, कटकोना, सोनहत कोयला क्षेत्र - उच्च गुणवत्ता का कोकिंग/सेमी-कोकिंग कोयला)

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): कोल (कोरिया-MCB अंचल में निवास, 'कोल दहका' नृत्य), गोंड, चेरवा, पनिका, अगरिया

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान (1981 में संजय राष्ट्रीय उद्यान के रूप में स्थापित, 2001 में नाम बदला गया; 1,440.71 वर्ग किमी - क्षेत्रफल में छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान! अब तमोर पिंगला के साथ राज्य का चौथा टाइगर रिजर्व!), गौरघाट जलप्रपात (हसदेव नदी पर, सोनहत), झुमका बांध (बैकुंठपुर - रामानुज प्रताप सागर, आइलैंड व वाटर स्पोर्ट्स), देवगढ़ की चोटी (1,033 मीटर - चांगभखार-देवगढ़ की पहाड़ियों की सर्वोच्च चोटी), कोरिया पैलेस

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: SECL बैकुंठपुर एवं चर्चा भूमिगत कोयला खदानें, रेशम व लाख पालन

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदी 'हसदेव नदी' (176 किमी) का उद्गम कोरिया जिले की सोनहत तहसील में कैमूर पर्वत श्रृंखला से होता है।
  • गुरु घासीदास-तमोर पिंगला संयुक्त रूप से देश का तीसरा सबसे बड़ा और छत्तीसगढ़ का चौथा (4th) टाइगर रिजर्व अधिसूचित किया गया है।
#30 • सरगुजा संभाग गठन: 01 जनवरी 2012

सूरजपुर (Surajpur)

मुख्यालय: सूरजपुर (प्राचीन नाम 'सूर्यपुर') • मातृ जिला: सरगुजा

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): सूरजपुर, प्रतापपुर, ओड़गी, रामानुजनगर, प्रेमनगर, भैयाथान, लटोरी, बिहारपुर (8 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): सूरजपुर, प्रतापपुर, ओड़गी, रामानुजनगर, प्रेमनगर, भैयाथान (6 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 3 सीटें (प्रेमनगर, भटगांव, प्रतापपुर-ST)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: रिहंद नदी (रेणुका नदी - इसके तट पर सूरजपुर व महेशपुर अंचल है), महान नदी, बांक नदी

खनिज संपदा (Minerals): कोयला (विश्रामपुर, भटगांव, रामकोला-तातापानी क्षेत्र), बॉक्साइट

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): पंडो (ओड़गी-सूरजपुर में केंद्रित, डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इन्हें 'राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र' कहा; राज्य सरकार द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति का दर्जा), कोरवा, गोंड, चेरवा, खैरवार

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: तमोर पिंगला वन्यजीव अभयारण्य (1978 - 608.55 वर्ग किमी; क्षेत्रफल की दृष्टि से छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य! नीलगाय व बाघों के लिए प्रसिद्ध), कुदरगढ़ी माता मंदिर (ओड़गी - बागेश्वरी देवी का पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शक्तिपीठ, चैत्र नवरात्रि मेला), रकसगंडा जलप्रपात (रिहंद नदी पर, ओड़गी विकासखंड), सारासोर (महान नदी के तट पर शिव मंदिर व जलधारा), सीता लेखनी पहाड़ी (ओड़गी - शैलचित्र व राम वन गमन पथ स्थल), केनापारा इको-टूरिज्म फ्लोटिंग रेस्टोरेंट

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: माँ महामाया सहकारी शक्कर कारखाना (ग्राम केरता, प्रतापपुर मार्ग - 2007-08, राज्य का दूसरा सहकारी शक्कर कारखाना), नयनपुर-गिरवरगंज आईआईडीसी, SECL विश्रामपुर व भटगांव कोयला क्षेत्र

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • कर्क रेखा (23°30' उत्तरी अक्षांश) छत्तीसगढ़ के 4 जिलों—मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB), कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर से होकर गुजरती है (सूरजपुर में सर्वाधिक लंबाई व प्रतापपुर के पास भारतीय मानक समय रेखा IST 82°30'E से कटान क्षेत्र है!)।
  • तमोर पिंगला (608.55 वर्ग किमी) राज्य का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य है।
#31 • सरगुजा संभाग गठन: 01 जनवरी 2012

बलरामपुर - रामानुजगंज (Balrampur)

मुख्यालय: बलरामपुर • मातृ जिला: सरगुजा

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): बलरामपुर, रामानुजगंज, वाड्रफनगर, राजपुर, कुसमी (सामरी), शंकरगढ़, रामचंद्रपुर, चलगली, चांदो, डौरा-कोचली, रघुनाथनगर, सामरी (12 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): बलरामपुर, रामानुजगंज (रामचंद्रपुर), वाड्रफनगर, राजपुर, कुसमी, शंकरगढ़ (6 विकासखंड — रामानुजगंज छत्तीसगढ़ की सबसे उत्तरी तहसील है!)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 2 सीटें (रामानुजगंज-ST, सामरी-ST)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: कन्हर नदी (छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच अंतर्राज्यीय सीमा बनाती है!), रिहंद नदी, चनान नदी (पवई जलप्रपात), सिंदूर नदी, गलफुला नदी

खनिज संपदा (Minerals): बॉक्साइट (सामरी पाट, जमीर पाट, लहसुन पाट, टाटीझरिया), कोयला (तातापानी-रामकोला), ग्रेफाइट

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): पहाड़ी कोरवा, कोडाकू (मिट्टी खोदने का कार्य), खैरवार, उरांव, नगेशिया, बिरजिया

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: गौरलाटा चोटी (सामरी पाट - 1,225 मीटर ऊँची; पूरे छत्तीसगढ़ की सबसे ऊँची पर्वत चोटी!), तातापानी (बलरामपुर से 12 किमी - प्राकृतिक गर्म पानी के सल्फर युक्त फव्वारे/कुंड जहाँ वर्षभर उबलता पानी निकलता है; मकर संक्रांति पर तातापानी महोत्सव; भारत का दूसरा भू-तापीय Geothermal विद्युत संयंत्र प्रस्तावित), सेमरसोत वन्यजीव अभयारण्य (1978 - 430.36 वर्ग किमी, सिंदूर नदी प्रवाहित), कोटली जलप्रपात (कन्हर नदी पर), पवई जलप्रपात (चनान नदी पर), भेड़िया पत्थर जलप्रपात, डीपाडीह (कन्हर, सूर्या व गलफुला नदी के संगम पर 8वीं-12वीं सदी के सावंत सरना शिव मंदिर व उरांव राजाओं का पुरातात्विक केंद्र), अर्जुनगढ़ गुफा

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: बॉक्साइट उत्खनन (हिंडाल्को सामरी माइंस), भू-तापीय ऊर्जा व वनोपज

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • सामरी पाट स्थित 'गौरलाटा' (1,225 मीटर) छत्तीसगढ़ राज्य की सर्वोच्च पर्वत चोटी है!
  • रामानुजगंज के अंतर्गत आने वाला 'सुंदरी' ग्राम छत्तीसगढ़ का सबसे उत्तरी बिंदु है, और इस जिले की सीमा सर्वाधिक 3 राज्यों (उत्तर प्रदेश, झारखंड और मध्य प्रदेश) को स्पर्श करती है।
#32 • सरगुजा संभाग गठन: 25 मई 1998

जशपुर (Jashpur)

मुख्यालय: जशपुर नगर • मातृ जिला: रायगढ़

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): जशपुर, कुनकुरी, पत्थलगांव, बगीचा, फरसाबहार, दुलदुला, कांसाबेल, मनोरा, सन्ना, बागबहार (10 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): जशपुर, कुनकुरी, पत्थलगांव, बगीचा, फरसाबहार, दुलदुला, कांसाबेल, मनोरा (8 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 3 सीटें (जशपुर-ST, कुनकुरी-ST, पत्थलगांव-ST — वर्तमान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय कुनकुरी विधानसभा से विधायक हैं!)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: ईब नदी (उद्गम- खुर्जा पहाड़ी, पंडरापाट बगीचा; इसके रेत में सोने के कण पाए जाते हैं!), शंख नदी (छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा बनाती है), कन्हर नदी (उद्गम- बखोना चोटी, बगीचा!), मैनी नदी

खनिज संपदा (Minerals): बॉक्साइट (पंडरापाट, जशपुर पाट, खुड़िया पठार), सोना (ईब और मैनी नदी की रेत में प्लेसर गोल्ड - तपकरा क्षेत्र)

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): उरांव (सर्वाधिक शिक्षित जनजाति; प्रमुख देवता 'सरना देवी' व 'धर्मेश'; प्रमुख पर्व 'सरहुल' [चैत्र माह में साल वृक्ष में फूल आने पर]; युवागृह 'धूमकुरिया' [मुखिया- धांगर महतो]; पारंपरिक पोशाक 'करिया'), बिरहोर (PVTG), पहाड़ी कोरवा (PVTG), नगेशिया, मुंडा, खड़िया

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: बादलखोल वन्यजीव अभयारण्य (1975 - मात्र 104.45 वर्ग किमी; क्षेत्रफल की दृष्टि से छत्तीसगढ़ का सबसे छोटा वन्यजीव अभयारण्य!), कुनकुरी का महागिरजाघर ('रोजरी की महारानी कैथोलिक चर्च' - 1962-1979 निर्मित, 10,000 लोगों की क्षमता वाला एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च!), कैलाश गुफा (सन्ना के पास - संत गहिरा गुरु जी की तपोभूमि व आश्रम), खुड़िया रानी गुफा, रानी दाह जलप्रपात, दमेरा जलप्रपात, राजपुरी जलप्रपात, बेने जलप्रपात, मकरभंजा जलप्रपात (छत्तीसगढ़ के सबसे ऊँचे जलप्रपातों में शामिल), मधेश्वर पहाड़ (कुनकुरी - शिवलिंग के आकार का विशाल पर्वत), सोगड़ा आश्रम (अघोरेश्वर भगवान राम आश्रम), कोतेबिरा धाम (ईब नदी तट पर)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: चाय बागान (सोगड़ा व सारूडीह - 'छत्तीसगढ़ का दार्जिलिंग'), काजू, नाशपाती, लीची, स्ट्रॉबेरी व टमाटर उत्पादन ('पत्थलगांव-लुडेंग' को छत्तीसगढ़ की टमाटर राजधानी कहा जाता है), तपकरा (नागलोक)

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • तपकरा (फरसाबहार विकासखंड) को किंग कोबरा व विविध सांपों की अधिकता के कारण 'छत्तीसगढ़ का नागलोक' कहा जाता है, जहाँ स्नेक पार्क स्थापित है।
  • छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा पाट प्रदेश 'जशपुर पाट' है; जिले को नीचाघाट (लोरो घाट के नीचे) और उपरघाट (पठारी भाग) में बांटा जाता है। जशपुर की 'गिरला' ग्राम पंचायत राज्य का सबसे पूर्वी बिंदु है।
#33 • सरगुजा संभाग गठन: 09 सितंबर 2022 (छत्तीसगढ़ का 32वां जिला)

मनेंद्रगढ़ - चिरमिरी - भरतपुर (MCB)

मुख्यालय: मनेंद्रगढ़ • मातृ जिला: कोरिया

आधिकारिक पोर्टल
📍 तहसीलें (Tehsils): मनेंद्रगढ़, चिरमिरी, भरतपुर (जनकपुर), केल्हारी, खड़गवां, कोटाडोल (6 तहसीलें)
🏢 विकासखंड (Blocks): मनेंद्रगढ़, भरतपुर (जनकपुर), खड़गवां (3 विकासखंड)
🗳️ विधानसभा क्षेत्र (Vidhan Sabha): 2 सीटें (भरतपुर-सोनहत-ST, मनेंद्रगढ़)

प्रमुख नदियाँ एवं परियोजनाएं: हसदेव नदी (मनेंद्रगढ़ शहर इसके तट पर है), बनास नदी (उद्गम- मांझाटोली की पहाड़ी भरतपुर; इस पर अमृतधारा व रमदहा जलप्रपात हैं), मवई नदी, नेउर नदी (मप्र-छग सीमा)

खनिज संपदा (Minerals): कोयला (चिरमिरी, कुरासिया, झगराखंड, खोडरी कोयला क्षेत्र), फायर क्ले (अग्निसह मिट्टी)

प्रमुख जनजातियाँ (Tribes): कोल, गोंड, बैगा, पनिका, चेरवा

पर्यटन, मंदिर एवं ऐतिहासिक स्थल: मनेंद्रगढ़ समुद्री जीवाश्म पार्क (Marine Gondwana Fossil Park - हसदेव और हसिया नदी के संगम पर आमाखेरवा में 28 करोड़ वर्ष पुराने पर्मियन काल के समुद्री जीवों [Bivalves, Gastropods] के जीवाश्म; भारत के केवल 4 समुद्री फॉसिल पार्कों में से एक व राज्य का प्रथम बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट!), अमृतधारा जलप्रपात (हसदेव नदी पर, लाई ग्राम - महाशिवरात्रि पर राजा रामानुज प्रताप सिंहदेव द्वारा 1936 से प्रारंभ अमृतधारा महोत्सव, तापसी बाबा आश्रम), रमदहा जलप्रपात (बनास नदी पर, भरतपुर), अकुरी नाला जलप्रपात ('कोरिया का एयरकंडीशनर'), सीतामढ़ी-हरचौका (जनकपुर, मवई नदी तट पर - वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ में प्रथम प्रवेश स्थल! 17 कक्षों वाली शैल गुफा), घाघरा का प्राचीन ईंट मंदिर (भरतपुर), महामाया मंदिर (चिरमिरी - गोदरीपारा), जगन्नाथ मंदिर (पोड़ी, चिरमिरी)

प्रमुख उद्योग एवं संस्थान: SECL चिरमिरी एवं हसदेव क्षेत्र की कोयला खदानें

CGPSC एवं व्यापम परीक्षा विशेष बिंदु (Exam Takeaways):
  • वनवास काल में भगवान श्रीराम ने छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम इसी जिले के 'सीतामढ़ी-हरचौका' (मवई नदी तट, भरतपुर तहसील) से प्रवेश किया था — यहीं से छत्तीसगढ़ सरकार की 'राम वन गमन पर्यटन परिपथ' परियोजना प्रारंभ होती है!
  • मनेंद्रगढ़ का 'गोंडवाना मरीन फॉसिल पार्क' 28 करोड़ वर्ष पुराने समुद्री जीवाश्मों के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है।
⚡ Active Recall • तुरंत स्व-मूल्यांकन

🎯 अभी इसी टॉपिक के 5 प्रश्न हल करें (Instant Topic Quiz)

विषय: छत्तीसगढ़ का भूगोल, भौतिक विभाजन एवं 33 जिले — ऊपर पढ़े गए नोट्स की तुरंत जाँच करें!

आपका लाइव स्कोर
0 / 5
अभ्यास प्रश्न #1 CGPSC / CG Vyapam Standard (+2.0, -0.66)

प्र. 1: छत्तीसगढ़ की सर्वोच्च पर्वत चोटी "गौरलाटा (1225 मीटर)" किस भौतिक प्रदेश और किस जिले में स्थित है?

अभ्यास प्रश्न #2 CGPSC / CG Vyapam Standard (+2.0, -0.66)

प्र. 2: छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा देश के कुल कितने राज्यों को स्पर्श करती है और सर्वाधिक लंबी सीमा किस राज्य के साथ है?

अभ्यास प्रश्न #3 CGPSC / CG Vyapam Standard (+2.0, -0.66)

प्र. 3: भारतीय मानक समय रेखा (IST - 82°30' पूर्वी देशांतर) और कर्क रेखा (23°30' उत्तरी अक्षांश) छत्तीसगढ़ के किस जिले में एक-दूसरे को काटती हैं?

अभ्यास प्रश्न #4 CGPSC / CG Vyapam Standard (+2.0, -0.66)

प्र. 4: छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक क्षेत्रफल में कौन-सी शैल समूह (Rock System) और कौन-सी मिट्टी पाई जाती है?

अभ्यास प्रश्न #5 CGPSC / CG Vyapam Standard (+2.0, -0.66)

प्र. 5: छत्तीसगढ़ के कितने जिले पूर्णतः भू-आवेष्ठित (Landlocked - जिनकी सीमा किसी अन्य राज्य को नहीं छूती) हैं?

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