पेपर 03 • भाग-3 (छत्तीसगढ़ का इतिहास)
2 अंक • शब्द सीमा: 30 शब्द
CGPSC Mains PYQ • आदर्श प्रश्न #1
प्रश्न: कलचुरी कालीन स्थानीय प्रशासन में "गोटिया" के प्रमुख कार्य क्या थे? (What were the main functions of "Gotiya" in Kalchuri local administration?)
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
कलचुरी काल में ग्राम प्रशासन का प्रमुख अधिकारी "गोटिया" कहलाता था। इसके मुख्य कार्य: (1) ग्राम के कृषकों से भू-राजस्व (लगान) एकत्र कर राजकोष में जमा करना, (2) गांव में कृषि भूमि का आवंटन एवं बंजर भूमि का विकास करना, तथा (3) ग्राम स्तर पर शांति-व्यवस्था और छोटे विवादों का निपटारा करना था।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
ग्राम प्रमुखभू-राजस्व संग्रहणभूमि आवंटनशांति-व्यवस्था
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): 2 अंक (30 शब्द) में सीधे 3 कार्य क्रमांक (1), (2), (3) डालकर लिखने से पूरे 2/2 अंक मिलते हैं।
पेपर 03 • भाग-3 (छत्तीसगढ़ का इतिहास)
4 अंक • शब्द सीमा: 60 शब्द
CGPSC Mains PYQ • आदर्श प्रश्न #2
प्रश्न: बस्तर के "परलकोट विद्रोह (1824-25)" के कारण एवं परिणामों को संक्षेप में लिखिए।
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
परलकोट विद्रोह (1824-25) बस्तर के अबूझमाड़ अंचल में ब्रिटिश एवं मराठा शोषण के विरुद्ध प्रथम सशस्त्र जनजातीय विद्रोह था।
• नेतृत्व: परलकोट के जमींदार गेंदसिंह (प्रतीक- धावड़ा वृक्ष की टहनी)।
• कारण: मराठों व अंग्रेजों द्वारा अत्यधिक कर वसूली तथा अबूझमाड़िया जनजाति की स्वायत्तता में हस्तक्षेप।
• परिणाम: चांदा के ब्रिटिश अधीक्षक कैप्टन पेबे के दमन के पश्चात 20 जनवरी 1825 को गेंदसिंह को महल के सामने फांसी दी गई। वे बस्तर के प्रथम शहीद कहलाए।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
जमींदार गेंदसिंहधावड़ा वृक्ष की टहनीकैप्टन पेबे20 जनवरी 1825 (बस्तर के प्रथम शहीद)
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): जनजातीय विद्रोह के 4-अंक वाले उत्तर में (नेतृत्व + प्रतीक + कारण + परिणाम) ये 4 सब-पॉइंट्स अनिवार्य रूप से लिखें।
पेपर 03 • भाग-3 (छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता आंदोलन)
8 अंक • शब्द सीमा: 100 शब्द
CGPSC Mains Model • आदर्श प्रश्न #3
प्रश्न: सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) के दौरान छत्तीसगढ़ में हुए प्रमुख "जंगल सत्याग्रहों" का वर्णन कीजिए।
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
वर्ष 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान ब्रिटिश वन कानूनों (आरक्षित वनों में प्रवेश व चराई प्रतिबंध) के विरुद्ध छत्तीसगढ़ में व्यापक जंगल सत्याग्रह हुए:
1. गट्टासिल्ली सत्याग्रह (जून 1930, धमतरी): नारायणराव मेघावाले व नत्थूजी जगताप के नेतृत्व में प्रारंभ।
2. मोहबना-पोड़ी सत्याग्रह (जुलाई 1930, दुर्ग): नरसिंह प्रसाद अग्रवाल के नेतृत्व में।
3. रुद्री-नवागांव सत्याग्रह (22 अगस्त 1930, धमतरी): पुलिस गोलीबारी में मिन्टू कुम्हार शहीद हुए।
4. तमोरा जंगल सत्याग्रह (9 सितंबर 1930, महासमुंद): यति यतनलाल व शंकरराव गनोदवाले का नेतृत्व; बालिका दयावती द्वारा ब्रिटिश अधिकारी को तमाचा मारने की ऐतिहासिक घटना।
5. लभरा (महासमुंद): अरिमर्दन गिरी के नेतृत्व में तथा बानाबरद (दुर्ग) व तमोर (सरगुजा) सत्याग्रह। इन आंदोलनों ने ग्रामीण व जनजातीय समाज को राष्ट्रीय मुख्यधारा से जोड़ा।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
गट्टासिल्ली (धमतरी)रुद्री-नवागांव (मिन्टू कुम्हार शहीद)तमोरा (बालिका दयावती)लभरा (अरिमर्दन गिरी)
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): 8 अंक के इस प्रश्न में कम से कम 5 जंगल सत्याग्रहों के नाम, तिथि, जिला और नेतृत्वकर्ता का उल्लेख क्रमवार करें।
पेपर 03 • भाग-2 (संविधान एवं लोक प्रशासन)
15 अंक • शब्द सीमा: 175 शब्द
CGPSC Mains High-Yield • आदर्श प्रश्न #4
प्रश्न: पेसा अधिनियम, 1996 (PESA Act 1996) एवं छत्तीसगढ़ पेसा नियम, 2022 के अंतर्गत ग्राम सभा को प्राप्त प्रमुख शक्तियों का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
भूरिया समिति की अनुशंसा पर पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 (PESA) लागू किया गया तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 8 अगस्त 2022 को छत्तीसगढ़ पेसा नियम अधिसूचित किए गए। यह अनुसूचित क्षेत्रों (पांचवीं अनुसूची) में ग्राम सभा को स्वशासन की सर्वोच्च इकाई बनाता है।
ग्राम सभा की प्रमुख शक्तियाँ:
1. संसाधन प्रबंधन (जल-जंगल-जमीन): लघु वनोपज (Minor Forest Produce) पर स्वामित्व, संग्रहण एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारण में भूमिका।
2. भूमि अधिग्रहण एवं खनन: अनुसूचित क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण से पूर्व ग्राम सभा का परामर्श तथा गौण खनिजों (Minor Minerals) के पट्टे हेतु ग्राम सभा की अनुशंसा अनिवार्य।
3. सांस्कृतिक व न्यायिक संरक्षण: जनजातीय परंपराओं, रीति-रिवाजों का संरक्षण तथा स्थानीय विवादों का पारंपरिक पद्धति से निपटारा।
4. सामाजिक नियंत्रण: नशा मुक्ति (मादक द्रव्यों के विक्रय पर नियंत्रण), साहूकारी नियंत्रण एवं ग्रामीण बाजार/मड़ई प्रबंधन।
5. छत्तीसगढ़ पेसा नियम 2022 की विशेषता: ग्राम सभा में 50% सदस्यों का जनजातीय समुदाय से होना (जिनमें आधी महिलाएं) तथा ग्राम सभा कोष का संचालन।
चुनौतियाँ व निष्कर्ष: जागरूकता का अभाव एवं वन/राजस्व विभाग के साथ अधिकारों का टकराव प्रमुख चुनौती है, किंतु क्षमता निर्माण से यह आदिवासी स्वराज का सशक्त माध्यम बन रहा है।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
भूरिया समिति (1996)छत्तीसगढ़ पेसा नियम (8 अगस्त 2022)लघु वनोपज व गौण खनिज50% जनजातीय व महिला भागीदारी
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): 15 अंक (175 शब्द) के उत्तर में (1) संवैधानिक पृष्ठभूमि, (2) 5 बिंदुवार शक्तियाँ, और (3) 2 पंक्तियों में चुनौतियाँ व निष्कर्ष लिखें।
पेपर 01 • भाग-3 (छत्तीसगढ़ी भाषा एवं व्याकरण)
2 अंक • शब्द सीमा: 30 शब्द
CGPSC Mains Paper-1 • आदर्श प्रश्न #5
प्रश्न: छत्तीसगढ़ी भाषा में "निश्चयार्थक सर्वनाम" (Demonstrative Pronoun) को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
वे सर्वनाम शब्द जो किसी निकट या दूर स्थित निश्चित व्यक्ति या वस्तु की ओर संकेत करते हैं, निश्चयार्थक सर्वनाम कहलाते हैं।
• निकटवर्ती: ए, एहर, एमन (उदा.- "एहर मोर किताब आय।")
• दूरवर्ती: वो, ओहर, ओमन (उदा.- "ओहर तोर घर आय।")
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
निकटवर्ती (ए, एहर)दूरवर्ती (वो, ओहर)छत्तीसगढ़ी वाक्य उदाहरण
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): पेपर-1 में परिभाषा के साथ छत्तीसगढ़ी भाषा में उदाहरण लिखना अनिवार्य है।
पेपर 01 • भाग-1 (सामान्य हिंदी - शासकीय पत्र लेखन)
4 अंक • शब्द सीमा: 60 शब्द
CGPSC Mains Paper-1 • आदर्श प्रश्न #6
प्रश्न: "शासकीय पत्र" (Official Letter) एवं "अर्द्ध-शासकीय पत्र" (Demi-Official Letter) में प्रमुख अंतर लिखिए।
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
शासकीय एवं अर्द्ध-शासकीय पत्र में मुख्य अंतर निम्नानुसार हैं:
1. प्रकृति व शैली: शासकीय पत्र पूर्णतः औपचारिक व अन्य पुरुष ("मुझे यह कहने का निदेश हुआ है") में लिखा जाता है, जबकि अर्द्ध-शासकीय पत्र व्यक्तिगत/मित्रवत शैली व उत्तम पुरुष ("मैं आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ") में लिखा जाता है।
2. संबोधन: शासकीय पत्र में "महोदय", जबकि अर्द्ध-शासकीय में "प्रिय श्री..." का प्रयोग होता है।
3. उद्देश्य: किसी लंबित प्रकरण पर अधिकारी का व्यक्तिगत ध्यान दिलाने हेतु अर्द्ध-शासकीय पत्र भेजा जाता है।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
अन्य पुरुष बनाम उत्तम पुरुषऔपचारिक बनाम व्यक्तिगत ध्यानमहोदय बनाम प्रिय श्री
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): पत्र लेखन के अंतर वाले प्रश्नों में 3 स्पष्ट आधार (शैली, संबोधन, उद्देश्य) लिखें।
पेपर 02 • भाग-2 (छत्तीसगढ़ राज्य स्तरीय निबंध - 50 अंक)
15 अंक • शब्द सीमा: 750 शब्द (रूपरेखा)
CGPSC Mains Essay Blueprint • आदर्श प्रश्न #7
प्रश्न: निबंध रूपरेखा: "बस्तर का बदलता परिदृश्य: नियद नेल्लानार योजना से शांति, विकास एवं पर्यटन की ओर"
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
【निबंध की आदर्श रूपरेखा (750 शब्द • 50 अंक)】
1. प्रस्तावना (उद्धरण सहित): "बस्तर का कण-कण बोल रहा, अब विकास के द्वार खोल रहा।" — दंडकारण्य की ऐतिहासिक, जनजातीय व प्राकृतिक समृद्धि बनाम दशकों की नक्सल समस्या।
2. "नियद नेल्लानार योजना" (आपका अच्छा गाँव - फरवरी 2024): सुरक्षा कैंपों के 5 किमी के दायरे के गाँवों में 17 विभागों की 53 हितग्राहीमूलक योजनाओं व 28 सामुदायिक सुविधाओं (आवास, राशन, आधार, आयुष्मान, सोलर, सड़क, मोबाइल टावर) का 100% संतृप्तिकरण (Saturation)।
3. त्रि-आयामी रणनीति (सुरक्षा + विश्वास + विकास): बस्तर फाइटर्स, नए सुरक्षा व सुविधा कैंप, आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025।
4. आर्थिक एवं औद्योगिक सशक्तिकरण: कोकोड़ी (कोण्डागांव) मक्का एथेनॉल संयंत्र, नगरनार स्टील प्लांट, डेनेक्स (दंतेवाड़ा), मिलेट मिशन (रागी-कोदो-कुटकी) एवं 67 लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी।
5. वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर बस्तर: कांगेर घाटी के "धुड़मारास" ग्राम को UNWTO द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम सम्मान, चित्रकोट, तीरथगढ़, टाटामारी ग्लास ब्रिज व होम-स्टे नीति।
6. उपसंहार: बंदूक की जगह कलम और कंप्यूटर की ओर बढ़ता सशक्त एवं आत्मनिर्भर बस्तर।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
नियद नेल्लानार (5 किमी दायरा, 53 योजनाएं)धुड़मारास (UNWTO सम्मान)कोकोड़ी एथेनॉल व डेनेक्ससुरक्षा, विश्वास और विकास
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): छत्तीसगढ़ के निबंध में नवीनतम सरकारी आंकड़े (आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26), योजनाओं के सटीक नाम और छत्तीसगढ़ी सूक्तियों का प्रयोग करने से 50 में 35+ अंक मिलते हैं।
पेपर 04 • भाग-3 (पर्यावरण एवं जैव विविधता)
4 अंक • शब्द सीमा: 60 शब्द
CGPSC Mains Paper-4 • आदर्श प्रश्न #8
प्रश्न: 18वीं भारत वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR 2023) के अनुसार छत्तीसगढ़ में वनावरण एवं कार्बन स्टॉक की स्थिति स्पष्ट कीजिए।
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI, देहरादून) द्वारा जारी 18वीं वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR 2023) के प्रमुख बिंदु:
1. कुल वनावरण (Forest Cover): 55,811.75 वर्ग किमी (राज्य के भौगोलिक क्षेत्रफल का 41.28%), जो देश में मध्य प्रदेश व अरुणाचल प्रदेश के बाद तीसरे (3rd) स्थान पर है।
2. वृक्षावरण (Tree Cover): 6,538.70 वर्ग किमी (देश में सर्वाधिक +702.75 वर्ग किमी की वृद्धि!)।
3. कार्बन स्टॉक: 505 मिलियन टन (देश के कुल कार्बन स्टॉक का 6.89%, भारत में तीसरा स्थान)।
4. जिलेवार स्थिति: सर्वाधिक वनावरण क्षेत्रफल बीजापुर (7,092.77 वर्ग किमी) एवं सर्वाधिक प्रतिशत सुकमा (83.16%) में है।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
55,811.75 वर्ग किमी (41.28%)देश में 3rd स्थानवृक्षावरण में सर्वाधिक वृद्धि (+702.75 sq km)कार्बन स्टॉक 505 मिलियन टन
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): पेपर-4 और पेपर-5 में ISFR 2023 के सटीक आंकड़े (55,811.75 वर्ग किमी और 41.28%) लिखने से उत्तर अत्यंत प्रामाणिक बनता है।
पेपर 04 • भाग-3 (ऊर्जा एवं प्रौद्योगिकी)
8 अंक • शब्द सीमा: 100 शब्द
CGPSC Mains Paper-4 • आदर्श प्रश्न #9
प्रश्न: छत्तीसगढ़ में नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के प्रचार-प्रसार में "क्रेडा" (CREDA) की भूमिका एवं सौर सुजला योजना का उल्लेख कीजिए।
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (CREDA) की स्थापना 25 मई 2001 को ऊर्जा विभाग के अंतर्गत नोडल एजेंसी के रूप में की गई।
प्रमुख कार्य एवं योजनाएं:
1. सौर सुजला योजना (1 नवंबर 2016 से प्रारंभ): असिंचित ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को अत्यधिक रियायती दर पर 3 HP एवं 5 HP के सोलर सिंचाई पंप प्रदान करना (अब तक 1.45 लाख से अधिक पंप स्थापित)।
2. पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना: आवासीय छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापना हेतु केंद्र व राज्य अनुदान।
3. सोलर पेयजल व विद्युतीकरण: दूरस्थ वनांचलों (बस्तर व सरगुजा) के आश्रम-छात्रावासों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं जल जीवन मिशन के तहत सोलर ड्यूल पंप की स्थापना।
4. बायोगैस एवं बायोमास ऊर्जा: धान की भूसी (Rice Husk) आधारित विद्युत संयंत्र एवं गोबर गैस संयंत्रों का संचालन।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
CREDA स्थापना: 25 मई 2001सौर सुजला (1 नवंबर 2016)3 HP व 5 HP सोलर पंपपीएम सूर्यघर रूफटॉप सोलर
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): क्रेडा की स्थापना तिथि (25 मई 2001) और सौर सुजला योजना के स्थापित पंपों की संख्या अवश्य लिखें।
पेपर 05 • भाग-1 (छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था 2025-26)
4 अंक • शब्द सीमा: 60 शब्द
Economic Survey 2025-26 • आदर्श प्रश्न #10
प्रश्न: छत्तीसगढ़ आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में कृषि, उद्योग एवं सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर और हिस्सेदारी लिखिए।
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
छत्तीसगढ़ आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार स्थिर भावों (आधार वर्ष 2011-12) पर राज्य की आर्थिक स्थिति:
• कुल GSDP वृद्धि दर: 8.11% (प्रचलित भावों पर 11.57%) तथा प्रति व्यक्ति आय (प्रचलित भाव) ₹1,79,244 है।
• क्षेत्रवार वृद्धि दर (स्थिर भाव): सेवा क्षेत्र में सर्वाधिक 9.11%, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में 7.49% तथा उद्योग क्षेत्र में 7.21% वृद्धि अनुमानित है।
• GSDP में क्षेत्रवार भागीदारी (हिस्सेदारी): उद्योग क्षेत्र 49.30% (सर्वाधिक), सेवा क्षेत्र 32.90% एवं कृषि क्षेत्र 17.80% है।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
कुल GSDP वृद्धि: 8.11%प्रति व्यक्ति आय: ₹1,79,244वृद्धि दर: सेवा (9.11%), कृषि (7.49%), उद्योग (7.21%)भागीदारी: उद्योग (49.30%)
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): यह प्रश्न हर वर्ष CGPSC Prelims और Mains दोनों में निश्चित रूप से पूछा जाता है—आंकड़े टेबल या बुलेट में लिखें।
पेपर 05 • भाग-3 (छत्तीसगढ़ का भूगोल)
8 अंक • शब्द सीमा: 100 शब्द
CGPSC Mains Paper-5 • आदर्श प्रश्न #11
प्रश्न: छत्तीसगढ़ के "दंडकारण्य पठार" की भू-आकृतिक विशेषताओं एवं आर्थिक महत्व का वर्णन कीजिए।
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
दंडकारण्य का पठार छत्तीसगढ़ के दक्षिणी भाग (बस्तर संभाग के 7 जिलों) में लगभग 39,060 वर्ग किमी क्षेत्रफल (राज्य के कुल क्षेत्रफल का 28.91%) में विस्तृत है।
प्रमुख भू-आकृतिक उप-विभाग:
1. कोटरी बेसिन (उत्तर-पश्चिमी निम्न भूमि),
2. अबूझमाड़ की पहाड़ियाँ (नारायणपुर - धारवाड़ व आर्कियन शैल, सर्वाधिक वर्षा क्षेत्र),
3. बस्तर का पठार (जगदलपुर व कोण्डागांव; उत्तर सीमा पर केशकाल घाटी जल-विभाजक),
4. बैलाडीला की पहाड़ियाँ (दंतेवाड़ा - सर्वोच्च चोटी नंदीराज 1,210 मीटर),
5. गोदावरी-सबरी का मैदान (दक्षिणी निम्न भूमि - बीजापुर व सुकमा)।
आर्थिक महत्व: धारवाड़ शैल समूह की प्रधानता के कारण यहाँ विश्वस्तरीय हेमेटाइट लौह अयस्क (बैलाडीला, रावघाट), भारत का एकमात्र टिन भंडार (सुकमा-दंतेवाड़ा), कोरण्डम (बीजापुर) तथा साल व सागौन (खुरसेल घाटी) की अपार वन संपदा पाई जाती है।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
39,060 वर्ग किमी (28.91%)नंदीराज चोटी (1,210 मी.)केशकाल जल-विभाजकधारवाड़ शैल (लौह अयस्क व टिन)
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): भूगोल के 8 व 15 अंक के उत्तरों में दंडकारण्य के 5 उप-विभागों के नाम और छोटा सा नक्शा बनाने पर सर्वाधिक अंक मिलते हैं।
पेपर 06 • भाग-3 (छत्तीसगढ़ की जनजातियाँ एवं संस्कृति)
2 अंक • शब्द सीमा: 30 शब्द
CGPSC Mains Paper-6 • आदर्श प्रश्न #12
प्रश्न: "घोटुल" युवागृह क्या है? इसमें युवक और युवतियों के प्रमुख को क्या कहा जाता है?
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
"घोटुल" बस्तर की मुरिया/माड़िया जनजाति का सामाजिक-सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक युवागृह है, जिसके इष्टदेव "लिंगो पेन" हैं। इसमें अविवाहित युवक सदस्य को "चेलिक" (प्रमुख- सिरेदार) तथा युवती सदस्य को "मोटियारी" (प्रमुख- बेलोसा) कहा जाता है। वैरियर एल्विन ने इस पर "द मुरिया एंड देयर घोटुल" ग्रंथ लिखा।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
मुरिया जनजातिइष्टदेव- लिंगो पेनचेलिक (सिरेदार) व मोटियारी (बेलोसा)वैरियर एल्विन
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): 30 शब्दों के अंदर इष्टदेव, सदस्य नाम और प्रमुख का नाम तीनों आ जाने से उत्तर पूर्ण हो जाता है।
पेपर 06 • भाग-1 (भारतीय दर्शन एवं संत परंपरा)
8 अंक • शब्द सीमा: 100 शब्द
CGPSC Mains Paper-6 • आदर्श प्रश्न #13
प्रश्न: बाबा गुरु घासीदास जी के "सतनाम पंथ" के सप्त सिद्धांतों एवं छत्तीसगढ़ के सामाजिक पुनर्जागरण में उनके योगदान का मूल्यांकन कीजिए।
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
18वीं-19वीं सदी में छत्तीसगढ़ के सामाजिक-धार्मिक पुनर्जागरण के अग्रदूत बाबा गुरु घासीदास जी (जन्म: 18 दिसंबर 1756, गिरौदपुरी धाम) ने "मनखे-मनखे एक समान" का महान मानवतावादी संदेश दिया और सतनाम पंथ की स्थापना की।
सतनाम पंथ के सप्त सिद्धांत:
1. निर्गुण एवं निराकार "सतनाम" (ईश्वर) पर विश्वास,
2. मूर्तिपूजा का निषेध,
3. जातिभेद एवं छुआछूत का पूर्ण विरोध,
4. जीव हत्या एवं मांसाहार का त्याग,
5. मदिरापान व नशे का पूर्ण निषेध,
6. परस्त्री को माता-बहन मानना (व्यभिचार निषेध),
7. दोपहर में खेतों में बैलों से हल न चलाना (पशु करुणा)।
सामाजिक योगदान: उन्होंने शोषित व वंचित समाज में आत्मसम्मान, समानता, अहिंसा और श्रम की प्रतिष्ठा स्थापित की। श्वेत ध्वज (शांति का प्रतीक) एवं जैतखाम सत्य और अहिंसा के शाश्वत स्तंभ हैं।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
जन्म: 18 दिसंबर 1756 (गिरौदपुरी)"मनखे-मनखे एक समान"सप्त सिद्धांतश्वेत ध्वज व जैतखाम
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): दर्शनशास्त्र व छत्तीसगढ़ की संत परंपरा में बाबा गुरु घासीदास जी, संत कबीर (धनी धर्मदास) और संत वल्लभाचार्य पर प्रश्न नियमित रूप से आते हैं।
पेपर 06 • भाग-3 (छत्तीसगढ़ की लोक नाट्य परंपरा)
4 अंक • शब्द सीमा: 60 शब्द
CGPSC Mains Paper-6 • आदर्श प्रश्न #14
प्रश्न: छत्तीसगढ़ के लोकनाट्य "नाचा" (Nacha) की विशेषताओं एवं दाऊ मंदराजी के योगदान को लिखिए।
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
"नाचा" छत्तीसगढ़ का सर्वाधिक लोकप्रिय पारंपरिक लोकनाट्य है, जो मुख्यतः मैदानी अंचल में रातभर खुले मंच पर मंचित होता है।
• विशेषताएँ: इसमें "जोकर" और "परी" प्रमुख पात्र होते हैं (पुरुष कलाकार ही स्त्री वेश में परी की भूमिका निभाते हैं)। हास्य-व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया जाता है; इसमें चिकारा, तबला, हारमोनियम व मंजीरा वाद्ययंत्र प्रयुक्त होते हैं।
• दाऊ दुलार सिंह मंदराजी (रवेली, राजनांदगांव) को "छत्तीसगढ़ी नाचा का भीष्म पितामह" कहा जाता है; उन्होंने "रवेली नाचा पार्टी" की स्थापना की तथा हबीब तनवीर ने नाचा कलाकारों को विश्व मंच तक पहुँचाया।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
जोकर व परी पात्रचिकारा वाद्ययंत्रदाऊ दुलार सिंह मंदराजी (भीष्म पितामह)रवेली नाचा पार्टी
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): कला एवं संस्कृति के प्रश्नों में कलाकार का नाम और प्रयुक्त वाद्ययंत्र जरूर लिखें।
पेपर 07 • भाग-1 (छत्तीसगढ़ की प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं)
8 अंक • शब्द सीमा: 100 शब्द
CGPSC Mains Paper-7 • आदर्श प्रश्न #15
प्रश्न: छत्तीसगढ़ शासन की "महतारी वंदन योजना" एवं "कृषक उन्नति योजना" के उद्देश्यों, पात्रता एवं सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का वर्णन कीजिए।
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2024 में महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु दो प्रमुख फ्लैगशिप योजनाएं प्रारंभ की गईं:
1. महतारी वंदन योजना (मार्च 2024 से प्रारंभ):
• प्रावधान व पात्रता: छत्तीसगढ़ की 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह ₹1,000 (वार्षिक ₹12,000) प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से दिए जाते हैं।
• प्रभाव: राज्य की 70 लाख से अधिक महिलाओं को ₹13,671+ करोड़ का अंतरण; महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, पोषण एवं स्वास्थ्य निर्णय क्षमता में वृद्धि।
2. कृषक उन्नति योजना (12 मार्च 2024, बालोद से प्रारंभ):
• प्रावधान: पंजीकृत किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से खरीदी तथा MSP के ऊपर अंतर राशि (₹731/₹711 प्रति क्विंटल) का एकमुश्त भुगतान।
• प्रभाव: खरीफ 2025-26 में 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी; ग्रामीण मांग व कृषि निवेश में ऐतिहासिक उछाल।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
महतारी वंदन (₹1,000/माह, 21+ वर्ष, 70 लाख महिलाएं)कृषक उन्नति (12 मार्च 2024, ₹3,100/क्विंटल, 21 क्विंटल/एकड़)141.04 लाख MT धान खरीदी
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): पेपर-7 में योजनाओं के उत्तर में (1) शुभारंभ तिथि, (2) नोडल विभाग/प्रावधान, (3) पात्रता, और (4) ताजा आर्थिक सर्वेक्षण के उपलब्धि आंकड़े लिखें।
पेपर 07 • भाग-3 (छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षण व तकनीकी संस्थान)
4 अंक • शब्द सीमा: 60 शब्द
CGPSC Mains Paper-7 • आदर्श प्रश्न #16
प्रश्न: छत्तीसगढ़ में कृषि एवं कामधेनु (पशुचिकित्सा) शिक्षा के प्रमुख विश्वविद्यालयों का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
✔ आदर्श मॉडल उत्तर (Topper Answer Structure):
छत्तीसगढ़ में कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन शिक्षा हेतु निम्नलिखित राज्य विश्वविद्यालय संचालित हैं:
1. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV), रायपुर: स्थापना 20 जनवरी 1987; राज्य में कृषि अनुसंधान, धान की बौनी व जिंक-युक्त किस्मों (जिंको राइस, संजीवनी) के विकास तथा कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) का संचालन करता है।
2. महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय: स्थापना 2020 (सांकरा, पाटन, दुर्ग)।
3. दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय (अंजोरा, दुर्ग): स्थापना 2012; पशुचिकित्सा, डेयरी प्रौद्योगिकी एवं मत्स्य पालन शिक्षा का प्रमुख केंद्र।
🔑 अनिवार्य कीवर्ड्स:
IGKV रायपुर (20 जनवरी 1987)महात्मा गांधी उद्यानिकी विवि (पाटन, दुर्ग - 2020)कामधेनु विवि (अंजोरा, दुर्ग - 2012)
💡 परीक्षक टिप (Evaluator Marking Tip): पेपर-7 के भाग-3 में विश्वविद्यालयों के स्थापना वर्ष और मुख्यालय पूछे जाते हैं।